
रियाद। सऊदी अरब धीरे-धीरे कर अपने देश की महिलाओं को समाज के मुख्यधारा में जोड़ रहा है। कई अन्य पाबंदियां हटाने के बाद अब सऊदी की रूढ़िवादी सरकार ने महिलाओं को सशस्त्र बलों में सेवा करने की इजाजत देने का फैसला किया है। सऊदी अरब सरकार ने बुधवार को यह घोषणा की है।
हिलाओं के लिए सबसे बड़ा निर्णय
सऊदी अरब सरकार ने आर्थिक और सामाजिक सुधारों के कार्यक्रमों को देखते हुए यह फैसला लिया है। इससे पहले सऊदी अरब पर मानवाधिकार समूहों ने आरोप गंभीर आरोप लगाए थे। इसमें कहा गया था कि सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाली कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर रहे हैं। इन विवादों के बीच सऊदी सरकार ने महिलाओं के लिए यह सबसे बड़ा निर्णय लिया है।
विदेश मंत्रालय ने ट्विटर पर दी जानकारी
इस बारे में देश के विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि, 'सशक्तिकरण की ओर एक और कदम, अब महिलाएं निजी प्रथम श्रेणी, सार्जेंट के रूप में सेवा कर सकेंगी।' आपको बता दें कि सऊदी में प्रिंस सलमान के सत्ता संभालने के बाद से महिलाओं की स्थिति तेजी से सुधर रही है।
हाल ही में महिलाओं को कई अहम अधिकारों मिले हैं। आइए डालते हैं कैसे सऊदी प्रिंस सलमान के आने से बदल रही है महिलाओं की स्थिति-
- वर्ष 2018 में महिलाओं को मिला ड्राइविंग का अधिकार। इससे पहले तक महिलाओं के वाहन चलाने पर प्रतिबंध था।
- इसके बाद साल 2018 में प्रसाशन ने महिलाओं को हवाई जहाज उड़ाने की भी अनुमति दी। सऊदी अरब की एक एयरलाइन कंपनी फ्लाइनस ने महिलाओं को सह-पायलटों और फ्लाइट अटेंडेंट्स के रूप में भर्ती करने की योजना की घोषणा की थी।
- वर्ष 2019 में महिलाओं के अधिकारों में और बढ़ोतरी की गई। इस बार उन्हें बिना किसी पुरुष साथी के विदेश यात्रा की अनुमति दी गई
- सऊदी में अब महिलाओं को बच्चे के जन्म, शादी या तलाक को आधिकारिक रूप से पंजीकृत कराने का भी अधिकार प्राप्त है। इसके साथ ही उन्हें पुरुषों की तरह नाबालिग बच्चों के संरक्षक का दर्जा भी दिया गया है।
Updated on:
10 Oct 2019 02:17 pm
Published on:
10 Oct 2019 02:16 pm
बड़ी खबरें
View Allखाड़ी देश
विदेश
ट्रेंडिंग
