
इस्तांबुल। दो महीने के लंबे संघर्ष के बाद सेना और उनके सहयोगी सीरियाई विद्रोहियों ने सीरिया के आफरीन शहर को अपने कब्जे में ले लिया है। तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन ने उत्तर पश्चिम तुर्की स्थित कानाकाले में गैलीपोली अभियान के 103वीं बरसी पर बताया कि तुर्की की सेना के समर्थन से फ्री सीरियन आर्मी ने रविवार को यह कब्जा किया।
आपको बता दें कि तुर्की ने कुर्दिश आतंकियों को भगाने के लिए उत्तर-पश्चिम सीरिया स्थित आफरीन जिले के खिलाफ 20 जनवरी को अभियान शुरू किया था। जबकि अंकारा कुर्दिश विद्रोहियों को आतंकी मानता है। बता दें कि एर्दोगन ने आफरीन शहर को कब्जे में लेने के बाद कहा, "इस समय फ्री सीरियन आर्मी और तुर्की का झंडा वहां लहरा रहा है।" और अब संपूर्ण इलाके को निवास योग्य बनाने एवं बहुत जल्द जरूरी कदम उठाएंगे।"
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मनबिज पर कुर्दिश मिलीशिया का कब्जा
गौरतलब है कि एर्दोगन मनबिज पर कब्जा करने के लिए पूर्व की ओर बढ़ने की लगातार धमकी देते रहे हैं। इस शहर पर कुर्दिश मिलीशिया का कब्जा है, जिसे पीपल्स प्रोटेक्शन युनिट (वाईपीजी) के नाम से भी जाना जाता है, लेकिन वहां अमरीकी सेना मौजूद है। बता दें वाईपीजी को वाशिंगटन की ओर से हथियार मुहैया करवाने समेत कई मसलों को लेकर तुर्की और अमेरिका के संबंधों में पिछले दिनों खटास आई, लेकिन दोनों ने बातचीत के जरिए मनबिज पर मतभेद सुलझाने को लेकर सहमति जताई है। उधर, रूस, तुर्की और ईरान के राष्ट्रपति चार अप्रैल को इस्तांबुल में मिलने वाले है, जहां उनके बीच बातचीत के एजेंडे में युद्धग्रस्त सीरिया पर चर्चा शीर्ष पर होगा।
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Published on:
18 Mar 2018 09:20 pm
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