
सीरिया में अमरीकी ने किया जीत का दावा, जल्द शुरू होगी सेना की वापसी
वाशिंगटन। अमरीका ने दावा किया है कि उसकी सेनाओं ने सीरिया में इस्लामिक स्टेट के खिलाफ जंग जीत ली है। इसके साथ ही अमरीका ने घोषणा की है कि जल्द ही उसकी सेनाएं सीरिया से वापस आनी शुरू हो जाएंगी। अमरीका की इस घोषणा से इजरायल सैर मध्यपूर्व और खाड़ी देशों में हड़कंप मच गया है। माना जा रहा है कि अमरीका के इस कदम से कई तरह की भू-राजनीतिक जटिलता पैदा होगी और सीरिया में सामरिक हालात और भी जटिल हो सकते हैं।
सीरिया में अमरीका की जीत
एक सैन्य अधिकारी के मुताबिक अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सेना को सीरिया से पूरी तरह से वापस लेने का आदेश दिया क्योंकि राष्ट्रपति का मानना है कि अमरीका ने युद्ध-ग्रस्त देश में आईएसआईएस को हरा दिया है। माना जा रहा है कि अमरीका के इस फैसले के बाद कुर्दिश लड़ाकों के भविष्य पर सवाल उठने लगेंगे जो कि इस्लामिक स्टेट के आतंकियों से अब भी वहां लड़ रहे हैं। राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने बुधवार को सीरिया में आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट पर जीत की घोषणा की है। ट्रंप ने ट्वीट किया कि हमने सीरिया में इस्लामिक स्टेट को हरा दिया है। कैम्पेन के दौरान मेरे वहां जाने की एकमात्र वही वजह थी।' अमरीकी सेना के कुछ अधिकारियों ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि इस बात का फैसला मंगलवार को फैसला लिया गया है लेकिन वे सैनिक कब आएंगे इस बारे में कोई आधिकारिक डेट लाइन का फैसला नहीं किया गया है।
क्या होगा सीरिया का भविष्य
मौजूदा समय में सीरिया में अमरीका के 2,000 सैनिक मौजूद हैं, जिनमें से अधिकांश इस्लामिक स्टेट के खिलाफ लड़ाई में स्थानीय सैनिकों को प्रशिक्षण और सलाह देने के लिए मौजूद हैं।सेना वापसी अमरीकी नीति के उलट होगा और यह सीरिया को केवल तुर्की के सैनिकों की दया पर छोड़ देगा। बता दें कि कुछ समय पहले ही अमरीकी प्रशासनिक अधिकारियों में इस बात को लकेर विवाद था कि इस्लामी राज्य पराजित हो गया है अथवा नहीं। आईएसआईएस को हराने के लिए वैश्विक गठबंधन के प्रशासन के विशेष दूत ब्रेट मैकगर्क ब्रेट मैकगर्क ने कहा, "हमने पिछले कुछ वर्षों में एक बात सीखी है। इस तरह के समूह की स्थायी हार का मतलब है कि आप सिर्फ अपनी भौतिक जगह छोड़ सकते हैं।आपको यह स्वीकार करना होगा कि यह एक बड़ा काम है और इसमें कुछ समय लगेगा।" पेंटागन ने हालांकि अपने सैनिकों के पूरी तरह से वापस बुला लेने की पुष्टि नहीं की है। पेंटागन के प्रवक्ता कर्नल रॉब मैनिंग ने कहा, 'इस वक्त हम क्षेत्र में अपने सहयोगियों के साथ काम करना जारी रखेंगे।' लेकिन अमरीका के इस फैसले से सीरिया और कुर्द लड़ाकों के भविष्य पर सवाल उठने लगे हैं।
Read the Latest World News on Patrika.com. पढ़ें सबसे पहले World News in Hindi पत्रिका डॉट कॉम पर
Updated on:
20 Dec 2018 09:37 am
Published on:
20 Dec 2018 09:28 am

बड़ी खबरें
View Allखाड़ी देश
विदेश
ट्रेंडिंग
