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सावधान ! यहां फोरलेन पर स्वच्छंद विचरण करते हैं जानवर

आए दिन हो रही दुर्घटनाएं, हाइवे प्रबंधन नहीं दे रहा ध्यान , नेशनल हाइवे की गाइड लाइन का नहीं हो रहा पालन

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सावधान ! यहां फोरलेन पर स्वच्छंद विचरण करते हैं जानवर

गुना। ग्वालियर से गुना के बीच आगरा मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग पर फोरलेन हाइवे बनने से एक ओर जहां वाहन चालकों व यात्रियों को सुविधा हुई है तो वहीं यह फोरलेन असुविधा का कारण भी बन रहा है। क्योंकि कई स्पॉट ऐसे हैं जहां फोरलेन पर जानवर स्वच्छंद विचरण करते रहते हैं। जो हर दिन गंभीर दुर्घटना का वायस बन रहे हैं।

प्रतिदिन कोई न कोई वाहन इन जानवरों को बचाने के फेर में दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं और वाहन सवारों को अकाल ही काल के गाल में समाने को मजबूर होना पड़ रहा है। इसके बावजूद हाइवे प्रबंधन घटनाओं को रोकने के प्रति कोई कदम नहीं उठा रहा है।


आसानी से दिख जाते है जानवर...
जानकारी के मुताबिक गुना से ग्वालियर के बीच वैसे तो कई स्पॉट ऐसे हैं जहां बीच सड़क पर कभी भी जानवर स्वच्छंद विचरण करते हुए नजर आ जाते हैं। लेकिन यदि गुना जिले की बात करें तो शहर की सीमा से निकलते ही ग्राम फतहपुर व लेहरकोटा के बीच सबसे ज्यादा जानवर सड़क पार करते हुए या बीच में चहल कदमी करते हुए आसानी से दिख जाते हैं।


यहां गौर करने वाली बात है कि हाइवे प्रबंधन ने सड़क के दोनों ओर बैरीकेट्स नहीं लगाए हैं, यही वजह है कि जानवर गांव की सीमा से निकलकर बीच हाइवे पर आ जाते हैं और सड़क दुर्घटना का कारण बन जाते हैं।

नेशनल हाइवे की गाइड लाइन का नहीं हो रहा पालन
तकनीकी जानकारों का कहना है कि गुना-ग्वालियर के बीच बने फोरलेन हाइवे निर्माण में कई गंभीर तकनीकी खामियां हैं, जो दुर्घटनाओं के होने की मुख्य वजह में शामिल हैं। पहले तो हाइवे दोनों ओर से बेरीकेट के जरिए कवर्ड होना चाहिए ताकि जानवर व अन्य कोई व्यक्ति अचानक से बीच सड़क पर न आ जाए। क्योंकि हाइवे पर चलने का पहला अधिकार वाहनों का है।


दुर्घटना की वजह रॉंग साइड...
वही फोरलेन होने की वजह से वाहनों की रफ्तार भी तेज होती है, जिसे गलत नहीं ठहराया जा सकता। लेकिन जब हाइवे पर जानवर या अन्य कोई व्यक्ति आ जाता है तो दुर्घटना की वजह तेज गति या रॉंग साइड को बताया जाता है। इसी तरह हाइवे प्रबंधन ने सड़क किनारे स्थित गांव में रहने वाले लोगों के लिए इधर से उधर जाने सही जगह पर रास्ता नहीं छोड़ा है।


बल्कि गांव से काफी दूर अंडर ब्रिज बनाए हैं। जिसके चलते न सिर्फ पैदल लोगों को बल्कि वाहन चालकों को कुछ दूर तक रॉंग साइड में चलना पड़ता है। इसी वजह से आए दिन लोग दुर्घटना का शिकार हो रहे हैें।

रॉंग साइड के चक्कर में दोनों बाइक सवारों की गई जान
हाल ही में एक मई को म्याना थाना अंतर्गत हाइवे स्थित ग्राम भदौरा पर जबरदस्त बाइक एक्सीडेंट हुआ था। इसमें दोनों बाइक सवारों की मौत हो गई थी। जिनमें एक इंदार निवासी पुरुषोत्तम कुशवाह व दूसरा पास ही स्थित ग्राम लेहरकोटा निवासी रामप्रसाद प्रजापति था।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार प्रथम दृष्टया एक्सीडेंट का कारण रामप्रसाद का रोंग साइड में गाड़ी चलाना था। लेकिन जब इस मामले की पड़ताल की गई तो सामने आया कि रामदयाल को रोंग साइड में गाड़ी चलाना मजबूरी थी। क्योंकि उसी साइड उसका गांव था।


जरा इनकी भी सुनें
कृषि व घरेलू सामान खरीदने के लिए मैं अक्सर गुना आता है। कई बार ऐसा हुआ है जब मैं जिस बस से आया हूं वह सड़क पार कर रहे जानवरों की वजह सेे दुर्घटनाग्रस्त होने से बची हो। लगातार ऐसी घटनाएं देखने व पढऩे के बाद मुझे व परिवार के लोगों को डर लगने लगा है लेकिन मजबूरी में यात्रा तो करनी ही पड़ती है। लेकिन फिर भी इस तरह की घटनाओं से सबक लेते हुए हाइवे प्रबंधन को इन्हें रोकने उचित व कारगर कदम उठाना चाहिए।
रामराजा यादव, यात्री

फोरलेन हाइवे पर मैं काफी समय से बस चला रहा हूं। इस अनुभव के आधार पर बता सकता हूं कि गुना-ग्वालियर रोड पर कई स्पॉट ऐेसे हैं, जहां हर समय दुर्घटना की आशंका रहती है। क्योंकि अचानक से कभी भी जानवर सड़क पर दौड़ते ही आ जाते हैं। यह जानने के बाद भी कई बार मेरी बस सामने चल रहे वाहन से टकराने से बची है। एक बार तो जानवर को बचाने के चक्कर में बस पलट ही गई थी।
पहलवान रावत, बस चालक