
गुना/झागर. कुपोषण को मिटाने सरकार अभियान चला रही है और आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पोषण आहर बांटा जा रहा है। लेकिन गांवों में आंगनवाड़ी केंद्र कागजों में ही संचालित हो रहे हैं। पत्रिका ने शुक्रवार को झागर क्षेत्र के दो केंद्रों का जायजा लिया तो स्थिति बेहद नाजुक मिली। सुबह ११.४५ से १२.१५ बजे बीच मूडरा और बेरखेड़ी केंद्र देखे। आंगनबाड़ी केंद्र मूडरा में ताला लटके हुए थे। यही स्थिति रोड किनारे आंगनवाड़ी केंद्रों की है, दूर दराज केंद्रों के क्या हालात होंगे?
आंगनबाड़ी केंद्र ग्राम पंचायत मूडरा
समय: दोपहर 12.15 बजे।
स्थिति: आंगनवाड़ी केंद्र में ताला लगा मिला। सहायिका ने बताया, यहां ८० बच्चे दर्ज हैं, इसमें से १० से १५ बच्चे आते हैं। गांव में बच्चों के लिए खाना गांव में ही एक महिला के घर से आता है, वह पिछले तीन दिनों से गांव में नहीं है। इस कारण आंगनवाड़ी केंद्र के बच्चों को भी पोषण आहार भी नहीं मिला है। इसके बाद भी विभाग के अधिकारी यहां पर ध्यान नहीं देते हैं।
विकास कार्य पूर्ण, लेकिन सरपंचों को नहीं मिली राशि
मुंगावली जनपद में आनेवाली ग्राम पंचायत ढोढिीया में कई विकास कार्य पूर्ण हो चुके हंै पर राशि पूरी नहीं मिलने से कई कार्य सरपंच ने नहीं कराए। पंचायत के सरपंच प्रतिनिधि कमर्जी यादव ने बताया कि जो काम पंचायत में पहले कर दिए हंै उनके पैसे नहीं मिल रहे। अब आगे कैसे कराएं हमारे पास तो पैसा है नहीं उधारी से जितना हो सका सो कर दिया अब बाजार में कोई सामान भी नहीं देता। अभी तक 12 पशुशेड मंजूर थे, जो अधूरे पड़े हैं इनमें करीब दस लाख रुपए लग चुका है। श्मशानघाट के 6 लाख नहीं मिले तालाब का काम पूरा करा दिया उसका भी 4लाख 80 हजार रुका है। 136 शौचालय बनी है जिनका 20 शौचालय का 2 लाख रुका है।
सेमरी में नल-जल योजना का डेढ़ लाख रुपए रुके हुए हैं। अधिकारी कहते हैं कि गांव को खुले में शौच मुक्त कराओ कैसे कराएं अभी पंचायत में109 शौचालय बनना है, पैसा कहा से लाएं। सरकार दे नहीं रही जो मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी उप स्वाथ्य केंद्र, नल-जल योजना, विद्युत सब स्टेशन के काम की कोई शुरुआत भी नहीं हुई जनता तो रोज सरपंच को परेशान कर रही है।
Published on:
21 Apr 2018 11:05 am
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