
गुना। बमोरी थाना क्षेत्र के किटर्रा गांव में 12 वर्षीय बालक मोहन बंजारा की हत्या का राज खुल गया है। बमेारी से गिरफ्तार किया और आरोपी से पूछताछ की तो बेहद चौकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। आरोपी ने मासूम बालक को अपनी हवश का शिकार बनाने की कोशिश की। जब बालक ने विरोध किया और अपने माता-पिता को बात बताने की कही तो आरोपी तपेंद्र अहिरवार ने तकिया से मुंह दबाकर हत्या कर दी।
तलाश करने उनके साथ भी घूमता रहा
हत्या करने के बाद आरोपी ने साक्ष्य छिपाने शव को अपने मकान में रखे ड्रम में बंद कर दिया और उसमें कपड़े भर दिए। किसी को कोई शक न हो तो ड्रम के ऊपर पत्थर रखकर उस पर टीवी भी रख दी थी। परिजनों के साथ वह बच्चे को तलाश करने उनके साथ भी घूमता रहा।
बुधवार को प्रेस वार्ता में बताया
एसपी राहुल कुमार लोढ़ा ने बुधवार को प्रेस वार्ता में बताया कि आरोपी हत्या करने के बाद शव को ठिकाने की कोशिश करता रहा, जब उसे कोई मौका नहीं मिला तो वह 20 सितंबर को भाग निकला। इसके बाद एक दिन तक वह मृतक के परिजनों से फोन कर बच्चे की मिलने की जानकारी लेता रहा।
घटना की जानकारी सामने आ आई
दूसरे दिन जब मकान में से बदबू आने लगी ता जाकर घटना की जानकारी सामने आ आई। आरोपी को गिरफ्तार कर में थाना प्रभारी एसआई विपेंद्र सिंह चौहान, एएसआई रामानंद पचौरी, एएसआई जयदेव सिंह, एएसआई शंकरलाल, प्रधान आरक्षक महेश शर्मा, आरक्षक रंजीत, आरक्षक दिलीप आदि की भूमिका रही।
ये था पूरा मामला
19 सितंबर की शाम किटर्रा गांव में पुरूषोत्तम बंजारा का 12 बर्षीय बालक मोहन बंजारा गायब हो गया था। उसकी हर जगह तलाश की और 20 सितंबर को पुलिस में शिकायत की। 22 सितंबर को बालक की लाश उसके पडौसी तपेंद्र अहिरवार के ताला लगे घर के अंदर लोहे के एक ड्रम में हाथ-मुंह बंधी हुई डीकम्पोज अवस्था में मिली। पुलिस ने आईपीसी की धारा 302,201 बढ़ाई। आरोपी को पकडऩे तीन टीम बनाई, जो गुना के अलावा राजस्थान क्षेत्र में आरोपी के रिश्तेदारों के यहां पहुंची और उसे बमोरी से पकड़ लिया।
आरोपी बच्चे को देता था ट्यूशन
आरोपी बच्चों को ट्यूशन भी देता था। 4 माह पहले उसकी रिलायंस मॉल से नौकरी छूट गई और वह गांव रहने लगा। 19 सितंबर की शाम को बच्चा जब खेलने उसके घर पहुंचा तो उसने उसे हवश का शिकार बनाने का प्रयास किया। बालक द्वारा इसका विरोध किया गया। घर जाकर सारी बात अपने मां-बाप को बताने की कहने लगा और अपने पिता को आवाज लगाने लगा तो कमरे में रखे तकिया से बालक का मुंह दवाकर उसकी हत्या कर दी। शव को ड्रम में छिपाकर रख दिया।
नहीं पकड़ा गया पिंकी की मौत का मुख्य आरोपी
उधर, कोतवाली क्षेत्र की श्रीराम कालोनी के कुएं में पिंकी की लाश मिलने के बाद तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। मुख्य आरोपी राजा ठाकुर अब भी फरार है।
पुलिस को लेकर असंतोष बढ़ रहा
उधर, कोतवाली सहित जांच अधिकारी सब सुस्त हो गए हैं। पीडि़त परिवार में पुलिस को लेकर असंतोष बढ़ रहा है, जो भी कभी सड़क पर दिखाई दे सकता है। पीडि़त एससी वर्ग में आने से उसकी जांच एसडीओपी रैंज के अफसर कर रहे हैं। लेकिन आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए कोई खास प्रयास नहीं हुए। कोतवाली पुलिस भी इसमें सुस्त हो गई है कोई भी पूछताछ करने आरोपियों के ठिकानों पर नहीं पहुंचा।
Updated on:
26 Sep 2019, 2:49 PM IST
Published on:
26 Sep 2019, 2:03 AM IST
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