गुना। कृषि उपज मंडी में इन दिनों अनाज की जोरदार आवक हो रही है लेकिन अन्नदाता अवयवस्थाओं के कारण परेशान हैं,न तो उसके अनाज की तुलाई हो पा रही है और न ही उसे पीने के लिए पानी मिल रहा है। किसान मंडी में अनाज लाकर दो तीन दिन तक परेशान हो रहा है। कई किसानों ने तो सोमवार को मंडी की बोली से अगल सीधे व्यापारियों को अपना अनाज औने पौने भाव में बेचा। वहीं सैंकड़ों किसान मंडी में अपनी ट्रालियों के साथ डेरा डाले हुए हैं।
कृषि उजप मंडी समिति में सोमवार को भारी मात्रा में आनाज की आवक हुई,इस दौरान लगभग 25हजार बोरी अनाज की तौल हो गई और लगभग20हजार बोरी अनाज टै्रक्टर ट्राली में ही पड़ा रह गया। अनाज नहीं तुलने के कारण शाम को लगभग चार बजे किसान मंडी सचिव के कार्यालय में पहुंच गए और हंगामा कर अनाज तुलाई की मंाग करने लेगे।
किसनों ने बताया कि वह छुट्टी के दिन से मंडी में अपनी ट्राली लेकर खड़े हुए हैं। इसके बाद भी उनके अनाज की तौल नहीं हो पा रही है।जबकि मंगलवार को महावीर जयंती का अवकाश है।
काफी देर तक चिगाचौंट के बाद भी मंडी प्रशासन ने तुलाई कराने में असमर्थता जताई। इसके बाद किसान अपनी अपनी ट्राली पर चले गए। डाक के बाद भी मंडी मेंं 50 से अधिक चना और 60-65 ट्राली गेहूं और इतनी ही ट्राली धना की रखी हुईं थी।
समर्थन मूल्य पर नहीं जा रहे किसान
बताया जाता है कि इस बार मंडी में ही गेंहू समर्थन मूल्य के समान रेट पर बिक रहा है। ऐेसी स्थिति में किसान समर्थन मूल्य पर नहीं जा कर मंडी मेें अनाज बेच रहे हैं। किसानों का कहना है कि समर्थन मूल्य पर तत्काल भुगतान नहीं होने के कारण वह मंडी में अनाज बेंच रहे हैं। जबकि यहां पर उनके अनाज की तुलाई नहीं हो पा रही है।
नहीं मिल रहा है पीने का पानी
मंडी में सोमवार को डीपी जलने के बाद पानी संकट गहरा गया,दूर दराज से आए हजारों किसान पानी के लिए दोपहरी में भटकते दिखाई दिए। मंडी प्रशासन ने टैंकर से पानी सप्लाई का प्रयास किया लेकिन टैंकर व्यवस्था फैल रही। करोड़ों में टैक्स बसूलने वाली मंडी किसानों को अन्य सुबिधाओं की बात तो दूर पानी भी नहीं पिला पा रही है।