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सरकारी कार्यालयों में नहीं हैं ठंडे पानी की कोई व्यवस्था

पत्रिका सरोकार : सरकारी कार्यालयों में नहीं हैं ठंडे पानी की कोई व्यवस्था , अधिकारी आरओ कैंपर के भरोसे तो जनता पी रही गर्म पानीअधिकांश कार्यालयों में नहीं हैं वाटर कूलर

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सरकारी कार्यालयों में नहीं हैं ठंडे पानी की कोई व्यवस्था

गुना. जिला मुख्यालय पर सरकारी विभागों के एक दर्जन कार्यालय ऐसे हैं जहां आम जनता के लिए पीने के लिए ठंडे पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। इनमें से अधिकांश कार्यालय ऐसे हैं जहां वाटर कूलर तक उपलब्ध नहीं हैं। अधिकारी से लेकर कार्यालयीन स्टाफ आरओ कैंपर का ठंडा पानी पी रहा है तो वहीं इन कार्यालयों में जरूरी काम से आने वाले लोगों को गर्म पानी पीना पड़ रहा है। पत्रिका टीम ने इन सभी विभागीय कार्यालयों में पेयजल व्यवस्था की हकीकत जानी तो काफी दयनीय स्थिति सामने आई।

कहां क्या मिली स्थिति

स्थान : तहसील कार्यालय
यह मिली स्थिति : एबी रोड स्थित तहसील कार्यालय में एक वाटर कूलर चलता हुआ मिला। लेकिन जब इसका पानी पीकर देखा तो वह बहुत गर्म था। कार्यालय में मौजूद स्टाफ से जब पूछा गया कि वाटर कूलर का पानी गर्म क्यों है तो उन्होंने बताया कि वाटर कूलर खराब है, उसे ठीक नहीं कराया गया है। इस वाटर कूलर के अलावा पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है। सभी लोग इसी से पानी पीते हैं। हालांकि अधिकारियों के लिए अलग से आरओ कैंपर का पानी आता है। यही कारण है कि उन्होंने वाटर कूलर को ठीक कराना मुनासिब नहीं समझा।


स्थान : जनपद पंचायत कार्यालय
यह मिली स्थिति : तहसील प्रांगण में ही बने भवनों में जनपद कार्यालय संचालित है। कार्यालय के बाहर कहीं भी वाटर कूलर नजर नहीं आया। मौके पर मौजूद कर्मचारी से जब पेयजल व्यवस्था के बारे में पूछा तो उसने बताया कि कार्यालय के पीछे एक नल लगा है वहां से पानी पी सकते हो। जब वह नल चालू कर पानी पीया तो वह बहुत गर्म था।

स्थान : लोक सेवा केंद्र
यह मिली स्थिति : यहां भी पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं दिखी। न तो कोई वाटर कूलर था और न ही कोई नल। पूछने पर बताया कि आसपास कहीं मटके रखे होंगे देख लो। ढूंढने पर पता चला कि मटके रखे तो हैं लेकिन कोई मटका खाली है किसी मटके का पानी खुले में रखने की वजह से गर्म हो गया।


स्थान : एकीकृत बाल विकास परियोजना कार्यालय
यह मिली स्थिति : कार्यालय के बाहर कोई वाटर कूलर मौजूद नहीं था। सिर्फ एक नल लगा था, जिससे गर्म पानी आ रहा था। यह विभाग ऐसा है कि जहां दूरस्थ ग्रामीण अंचल से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से लेकर कई मैदानी कर्मचारी विभागीय काम से आते हैं। ऐसे में यहां ठंडे पानी की व्यवस्था होना बेहद जरूरी है।

स्थान : पीडब्ल्यूडी कार्यालय
यह मिली स्थिति : यहां कार्यालयीन स्टाफ की संख्या करीब आधा सैकड़ा है। एक दर्जन कर्मचारी कार्यालय प्रांगण में बने सरकारी आवासों में रहते हैं। लेकिन यहां ठंडे पानी के लिए वाटर कूलर नहीं है। पूछने पर बताया कि एक मात्र सरकारी बोर है, जो विभाग ने अपने खर्चे पर ही कराया था लेकिन इसका पानी इतना दूषित है कि पीना तो क्या नहाने में तक उपयोग नहीं कर पाते हैं। प्रत्येक कार्यालयीन स्टाफ अपने लिए अलग से आरओ कैंपर मंगाता है। एक कैंपर की कीमत 20 रुपए है।

स्थान : पुरानी कलेक्ट्रेट
यह मिली स्थिति : इस प्रांगण में एसडीएम कार्यालय, मप्र ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण परियोजना कार्यालय, सहायक संचालक पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ कार्यालय, इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक कार्यालय सहित नगर तथा ग्राम निवेश जिला कार्यालय संचालित है। इसके बावजूद यहां आने वाले लोगों के लिए ठंडे पानी की कोई व्यवस्था नहीं है।

पड़ताल करने पर पता चला कि सहायक संचालक पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ कार्यालय के बाहर एक वाटर कूलर लगा है। जब इसे चालू कर देखा तो पता चला कि यह काफी समय से खराब हालत में इसी स्थान पर रखा है। जिसे ठीक कराने का कोई प्रयास नहीं किया गया है। क्योंकि कार्यालयीन स्टाफ आरओ कैंपर का पानी मंगाकर पीता है। गौर करने वाली बात है कि एक ही कैंपस में इतने अधिक कार्यालय संचालित होने के बाद भी ठंडे पानी की कोई व्यवस्था नहीं की गई।


इसलिए जरूरी है वाटर कूलर
तहसील व पुरानी कलेक्ट्रोरेट एरिया में बने भवनों में एक एक दर्जन से सरकारी विभागों के कार्यालय संचालित हैं। इसलिए यहां शहर सहित ग्रामीण अंचल से आने वाले लोगों की संख्या काफी अधिक रहती है। भीषण गर्मी के दौर में ठीक ढंग से प्यास बुझाने के लिए ठंडा पानी होना बेहद जरूरी है। इसकी पूर्ति बिना वाटर कूलर के नहीं हो सकती है। खुले में मटके रखने से उसका पानी गर्म हो जाता है। जिससे प्यास नहीं बुझ पाती है।