
गुना@ नरेंद्र कुशवाहा की रिपोर्ट...
गुना। बमोरी थाना क्षेत्र के ग्राम किटर्रां में रविवार सुबह 12 साल के बच्चे की लाश मिली है। परिजनों ने बच्चे की हत्या का आरोप पड़ोसी युवक पर लगाया है। जो बच्चे की गुमशुगदी के अगले दिन से फरार है। खास बात यह है कि आरोपी दो दिन तक परिजनों से फोन पर बच्चे के मिलने की जानकारी लेता रहा लेकिन परिजनों को कोई शक नहीं हुआ।
शक और गहरा गया
रविवार सुबह जब बच्चे के परिजनों को घर के आसपास तेज बदबू आई तो उन्हें शक हुआ कि नजदीक में ही किसी घर से यह बदबू आ रही है। सूंघते सूंंघते वे जब पड़ोस में रहने वाले तनेंद्र पुत्र लखमी हरिजन के घर के बाहर पहुंचे तो उन्हें वहां मक्खियां भी उड़ती नजर आई। जिससे शक और गहरा गया।
चौकीदार को बुलाकर मामले की जानकारी दी
परिजनों ने गांव के चौकीदार को बुलाकर मामले की जानकारी दी। जिसके बाद चौकीदार ने बमोरी थाना पुलिस को फोन पर सूचना दी तथा पुलिस की मौजूदगी में घर का दारवाजा तोड़कर जब अंदर घुसे तो सबकी आंखें फटी सी रह गईं। उन्होंने देखा कि एक लोहे की टंकी में 12 वर्षीय बालक मोहन सिंह (12) पुरुषोत्तम बंजारा की खून से लतपत शव मिला। जिसे पुलिस ने कब्जे में लेकर जिला अस्पताल पीएम के लिए भेजा।
सब जगह तलाश करो फिर हम देखते है
बच्चे के मामा पुरुषोत्तम ने बताया कि मोहन कक्षा 7 वीं का छात्र है। 19 सितंबर की शाम से वह गायब था। हर जगह तलाश करने के बाद जब उसका कुछ पता नहीं चला तो परिजनों ने बमोरी थाने जाकर गुमशुदगी की सूचना दी। पुलिस ने कहा कि तुम पहले सब जगह तलाश करो फिर हम देखते है।
परिजनों को कोई शक नहीं हुआ
इसके बाद दो दिन तक बच्चे का कुछ पता नहीं चला लेकिन इस दौरान पड़ौस में रहने वाला तपेंद्र उर्फ तपन (25) पुत्र लखमी हरिजन परिजनों को फोन लगाकर जानकारी लेता रहा कि मोहन मिल गया क्या ? गौर करने वाली बात है कि तपन ने ऐसा एक बार नहीं बल्कि तीन से चार बार किया लेकिन फिर भी परिजनों को कोई शक नहीं हुआ।
घटना वाले दिन ताला लगाकर घर के बाहर सोया तपन
बच्चे के मामा पुरुषोत्तम ने बताया कि 19 सितंबर की शाम मोहन गायब हुआ था। उसी दिन रात में पड़ौस में रहने वाला तपन अपने घर के मुख्य दरवाजे का ताला लगाकर बाहर सो रहा था, तब मन में यह ख्याल भी आया कि आज तपन बाहर क्यों सो रहा है लेकिन घटना को लेकर कोई शक नहीं हुआ। सभी परिजनों का मानना था कि मासूम बच्चे की किससे दुश्चनी हो सकती है। इसीलिए उन्हें किसी पर शक नहीं हुआ।
घटना के अगले दिन से फरार था आरोपी
परिजनों ने बताया कि मोहन 19 सितंबर की शाम गायब हुआ था। उस दिन तो आरोपी तपेंद्र घर पर था लेकिन उसकी पत्नी मायके गई थी। घटना के अगले दिन तपेंद्र घर से गायब था। उसने बच्चे के मामा को फोन लगाकर पहले बच्चे के मिलने की जानकारी पूछी फिर बताया कि वह गुना में है।
MUST READ : चारों तरफ पानी ही पानी, नेशनल हाईवे हुआ जलमग्न, नदी में डूब रहे ड्राईवर ने ऐसे बचाई जान
बच्चे का मुंह व हाथ उल्टे कर बंधे हुए थे
पुलिस के मुताबिक बच्चा जिस टंकी मेें मिला है। उसके ऊपर टीवी रखी हुई थी ताकि किसी को शक न हो। लेकिन लाश पुरानी होने के बाद बदबू मारने की लगी, जिससे घटना का खुलासा हो गया। आरोपी ने बच्चे की इतनी निर्ममता से हत्या की है कि टंकी से जब बच्चे की लाश को निकाला तो उसका मुंह बंधा हुआ था तथा हाथ पीछे कर बंधे हुए थे। पूरा शव खून से लतपत था। यहां तक कि टंकी के बाहर भी खून बह रहा था।
आखिर बच्चे की हत्या क्यों की
मोहन की लाश मिलने के बाद गांव के हर शख्स की जुबान से एक ही सवाल सुनने को मिल रहा है कि आखिर मासूम मोहन की हत्या क्यों की गई है। ऐसा उसने क्या कर दिया जिससे आरोपी ने इतनी निर्ममता से मार दिया।
Updated on:
23 Sep 2019, 3:06 PM IST
Published on:
23 Sep 2019, 3:06 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.