
कलेक्टर के आदेश पर सीएस ने की बड़ी कार्रवाई
गुना . जिला अस्पताल guna district hospital प्रबंधन management ने लंबे समय बाद एक बड़ी कार्रवाई action की है। हालांकि अस्पताल hospital news कार्रवाई के पीछे अहम रोल कलेक्टर भास्कर लाक्षाकार collector bhaskar lakshakar का है। जिन्हें हाल ही में अस्पताल निरीक्षण hospital inspection के दौरान मेटरनिटी विंग में मरीज व परिजनों patients and relatives की शिकायत प्राप्त hospital inspection हुई थी। जिसमें उन्होंने मेटरनिटी Maternity स्टाफ पर डिलेवरी delivery कराने के बदले रुपए मांगे जाने की बात कही थी। इस शिकायत को कलेक्टर collector ने बेहद गंभीरता से लिया था और तत्काल मौके पर मौजूद सिविल सर्जन Civil Surgeon को पूरे स्टाफ को बदलने replace staff के आदेश ordered दिए थे।
चेतावनी भी दी थी
यही नहीं उसी समय पूरे स्टाफ को सीएस कक्ष में तलब कर चेतावनी भी दी थी। इसी क्रम में सिविल सर्जन डॉ एसके श्रीवास्तव ने कार्रवाई अंजाम देते हुए अस्पताल के 20 कर्मचारियों को इधर से उधर कर दिया। जिनमें मेटरनिटी विंग में तैनात 10 कर्मचारियों को यहां से हटाकर दूसरे वार्डों में पदस्थ कर दिया है जबकि अन्य विभिन्न वार्डों में पदस्थ स्टाफ को मेटरनिटी में शिफ्ट किया गया है। यह संपूर्ण स्टाफ 24 जून से 30 जुलाई 2019 तक तैनात रहेगा।
इन्हें किया इधर से उधर
मेटरनिटी वार्ड से रीना उईके को आईसीयू, सिंसी सीजी को आईसीयू, सोनम पवार को सर्जीकल वार्ड, संगीता अहिरवार को सर्जीकल वार्ड, मनीषा ढवाले को शिशु वार्ड, सरोज साखरे को मेडिकल वार्ड-1, एकता लिल्हारे को मेडिकल वार्ड-1, नीलम चन्द्रोल को मेडिकल वार्ड -1, प्रज्ञा चढोकर सर्जिकल वार्ड, रीतू सिंह को शिशु वार्ड में भेजा गया है।
जबकि रीना फरकाडे को मेडिकल वार्ड-1 से मेटरनिटी, वंदना पटटैया को मेडिकल वार्ड-1 से मेटरनिटी, बवीता बाथम को सर्जिकल वार्ड से मेटरनिटी, प्रविता ठाकरे को सर्जिकल से मेटरनिटी, इशरत वानो को आईसीयू से मेटरनिटी, विनीता वारठे को आईसीयू से मेटरनिटी, शलिनी शर्मा को मेडिकल वार्ड-1 से मेटरनिटी, वीणा राय को सर्जिकल से मेटरनिटी, वसुंधरा यादव को शिशु वार्ड से मेटरनिटी तथा निधि लिखितकार को शिशु वार्ड से मेटरनिटी वार्ड में स्थानांतरित किया गया है।
पत्रिका ने उठाया था प्रमुखता से मुद्दा
यहां बता दें कि जिला अस्पताल के मेटरनिटी विंग में स्टाफ द्वारा डिलेवरी कराने के बदले रुपयों की मांग किए जाने संबंधी कई मामले पत्रिका ने बीते माह कई बार प्रमुखता से उठाए थे। जो बाद में सिविल सर्जन से लेकर कलेक्टर तक पहुंचे। यही कारण रहा कि जब मेटरनिटी विंग स्टाफ कलेक्टर के समक्ष पेश हुआ तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आप यह न कहें कि हम डिलेवरी कराने के पैसे नहीं मांगते, मुझे पहले से ही सब पता है। बस मैं इतना ही कहूंगा कि तुम लोग गरीबों पर जरा रहम खाओ।
कार्रवाई का असर सब पर दिखेगा
जिला अस्पताल के 20 कर्मचारियों को इधर से उधर किया गया है। जिसमें 10 कर्मचारी मेटरनिटी विंग के हैं। यह पूरी कार्रवाई कलेक्टर के आदेश पर अंजाम दी गई है। उन्हें हाल ही में मेटरनिटी विंग में डिलेवरी के बदले पैसे लेने की शिकायत प्राप्त हुई थी। तत्समय ही उन्होंने मेटरनिटी विंग स्टाफ बदलने के आदेश दिए थे। इस कार्रवाई का असर अन्य स्टाफ पर भी दिखेगा।
डॉ एसके श्रीवास्तव, सिविल सर्जन जिला अस्पताल गुना
Updated on:
27 Jun 2019 02:05 pm
Published on:
27 Jun 2019 02:01 pm
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