गुना. जिले में उद्यानिकी फसलों का बीमा किया जाएगा जिनमें मटर,प्याज टमाटर बेगन पत्ता गोभी आदि शामिल हैं। किसी एक व्यक्ति की सूचना के आधार पर ही बीमा कम्पनी द्वारा प्रभावित फसलों का सर्वे कराया जाएगा।
इसके लिए कलेक्टर ने बैंकर्स अधिकारी और बीमा कंपनी के अधिकारियों की बैठक में कही। कलेक्टर राजेश जैन ने बैठक में कहा कि बीमित फसलों के नुकसान का सर्वे कराने की व्यवस्था गांव के किसी एक व्यक्ति की ही सूचना पर होनी चाहिए। बैठक में फसल बीमा के लिए निर्धारित अंतिम तिथि 15 जनवरी 2017 तक किसानों की ओर से अधिसूचित फसलों के बीमे का प्रीमियम जमा कराने के संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। जिले में उद्यानिकी फसलों के अधिकांश क्षेत्रफल में बोए जाने वाली धनिया फसल का बीमा कराने पर विशेष जोर दिया जाएगा। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत जिले में गेहूँ सिंचित, गेहूं असिंचित, चना एवं राई-सरसों फसलों को बीमा के लिए अधिसूचित किया गया है।
पटवारी के दस्तावेज पर हो जाएगा बीमा
बीमा करने के लिए ग्राम पंचायत के सचिव अथवा पटवारी द्वारा बोनी प्रमाण-पत्र तथा किसान का घोषणा-पत्र आवश्यक अभिलेख होगा। बीमा कम्पनी के प्रतिनिधि ने बताया कि फसल नुकसान की सूचना देने के लिए बीमा कम्पनियों के हेल्पलाइन टोल-फ्री नम्बर एवं ई-मेल निर्धारित किए गए हैं। जोखिम होने पर 72 घंटों के भीतर कृषक, जिला प्रशासन, कृषि विभाग, राजस्व विभाग द्वारा बीमा कम्पनी के हेल्पलाइन नम्बर या ई-मेल पर सूचना दी जा सकेगी।