
झमाझम बारिश से जिला तर, जमकर भीगे लोग
गुना. झमाझम बारिश ने मंगलवार को जिले भर को तर दिया। दिन भर धूप निकलने के बाद शाम के समय अचानक जोरदार बारिश ने गर्मी व उमस से राहत दिलाई। लेकिन बिजली की कटौती ने लोगों को परेशान किया। सीजन की पहली तेज बारिश में भीगकर लोगों ने बारिश का मजा भी उठाया।
मंगलवार को हुई बारिश सीजन की सबसे तेज बारिश थी। शाम को करीब ४ बजे से आसमान पर बादलों ने डेरा जमाना किया और ४.३० बजे से बारिश शुरू हुई। १५ मिनिट तेज बारिश के बाद बूंदा-बांदी होती रही। यह बारिश खेती के लिए फायदेमंद होगी। इससे पहले सोमवार सुबह ८.३० बजे से मंगलवार सुबह ८.३० बजे के बीच जिले में औसतन 2.8 मिमी बारिश हुई वहीं अब तक कुल औसत बारिश 23.0 मिमी बारिश दर्ज की गई। आधे घंटे से भी कम हुई बारिश ने शहर की व्यवस्थाओं की पोल भी खोलकर रख दी। चौक नालियों से गंदा पानी व कीचड़ बाहर निकलकर सड़कों पर बह गया। जिससे लोगों को दिक्कत हुई और आसपास बदबू फैल गई। इसके अलावा निचली बस्तियों में घरों तक पानी पहुंच गया। राधा कॉलोनी में नालियां चौक होने से गंदा पानी घरों में घुस गया। रहवासी पवन कुशवाह ने बताया कि यहां हर साल यह समस्या आती है। जिसकी शिकायत भी वे कर चुके हैं, लेकिन अभीतक समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
मोड़की में तीन दिन से नहीं हैं बिजली
झागर में तेज हवा के कारण बिजली के खंबे गिरने से ग्राम मोड़की तीन दिनों से अंधेरे में डूबा हुआ है। लाइन सहित खंबे जमीन पर पड़े हैं, लेकिन अभी तक बिजली विभाग की टीम इन्हें दुरुस्त करने नहीं पहुंची है। बिजली न होने से लोगों को सबसे अधिक दिक्कत पानी की आ रही है। इसके अलावा अन्य काम भी प्रभावित हो रहे हैं।
तीन डिग्री गिरा पारा
आंधी और बारिश से पारे भी गिरावट दर्ज की गई है। सोमवार की अपेक्षा मंगलवार को अधिकतम तापमान तीन डिग्री गिरकर ३४ डिग्री सेल्सियस रहा। सोमवार को अधिकतम तापमान ३९ डिग्री था। वहीं न्यनूतम तापमान २५.७ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान गिरने से गर्मी से हल्की राहत मिली।
चौड़ाखेड़ी पुल बंद, जान जोखिम में डाल रहे हैं लोग
धरनावदा में चौड़ा खेड़ी पुलिया में पानी भरने के कारण लोग रास्ता बंद हो गया। जिसके कारण लोग अपनी जान को जोखिम में डालकर पटरियों से निकल रहे हैं। दो पहिया वाहन चालकों ने पटरियों के बीच पत्थर जमाकर वाहन निकालने की व्यवस्था बना ली है। जिससे कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है। ट्रेन भी दुर्घटनाग्रस्त हो सकती है। पुल से न तो पैदल लोग निकल पाते हैं और न ही वाहन चालक। लोगों ने बताया कि रेलवे ने उनकी मुसीबत बढ़ा दी है और अब पलट कर नहीं देख रहे हैं। बच्चों का स्कूल तक जाना दूभर हो गया है। बालाभेट, दावतपुर, चौड़ाखेड़ी, विजयपुर, रघुनाथपुरा, बुद्धापुरा, राजना खेड़ी आदि जगहों के लोग परेशान हैं।
अंडरब्रिज में भरा पानी, गांवों का कटा संपर्क
म्याना में थोड़ी सी बारिश में ही म्याना के रेलवे अंडरब्रिज में पानी भर गया। जिससे करीब २०-३० गांवों के लोग प्रभावित हो रहे हैं। पैदल यात्री व स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों को निकलने में दिक्कत आ रही है। ग्रामीणों को इसी रास्ते से तहसील मुख्यालय आना-जाना होता है। रास्ता बंद होने से कॉलेज के विद्यार्थी भी नहीं जा पाते। अंडरब्रिज के नीचे सरिया तक निकल आया है। जिसकी तरफ किसी का ध्यान नहीं है। पूर्व में यहां वाहन भी फंस चुके हैं। यह मार्ग म्याना से नईसराय होते हुए अशोकनगर व उत्तरप्रदेश को जोड़ता है। पानी निकासी न होने से बारिश भर रास्ता बंद रहता है।
आंधी बारिश से गिरे खंबे, गुल रही बिजली
सोमवार को चली तेज आंधी के कारण कई स्थानों पर बिजली के खंबे गिरने से सैंकड़ों गांवों में बिजली गुल रही। शाढ़ौरा के पास १३२ केवी का टॉवर ही आंधी से गिर गया। यह लाइन आरोन तक आती है। जिससे आरोन क्षेत्र में करीब ८ घंटे बिजली सप्लाई बाधित रही। इसके अलावा आरोन क्षेत्र में ही बिजली के २० खंबे हवा ने धराशाई कर दिए। जिससे क्षेत्र के १५० गांव प्रभावित हुए।
बार-बार गुल होती रही लाइट
बिजली कंपनी की मेंटीनेंस व्यवस्था पर भी मंगलवार को सवाल खड़े हुए। दरअसल, बारिश के दौरान कई बार बिजली गुल हुई। इससे मेंटीनेंस के दौरान बिजली कंपनी ने लाइनों का रख-रखाव कितना किया है, इसकी पोल भी खुल गई।
Published on:
27 Jun 2018 06:24 pm
