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अफसरों के आदेश के बाद भी नहीं लगी कुर्सियां, खड़े रहकर गुजार रहे वक्त

अफसरों के आदेश के बाद भी नहीं लगी कुर्सियां, खड़े रहकर गुजार रहे वक्त

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अफसरों के आदेश के बाद भी नहीं लगी कुर्सियां, खड़े रहकर गुजार रहे वक्त

गुना। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश के बाद भी गुना स्टेशन के उच्च श्रेणी प्रतीक्षालय में कुर्सियों को नहीं रखा गया है। इस वजह से स्लीपर और एसी से सफर करने वाले यात्रियों को वेटिंग रूम में खड़े रहकर वक्त गुजारना पड़ रहा है।
मई महीने में रेलवे के डीसीएम ने आकर स्टेशन का निरीक्षण किया था और वेटिंग रूम समेत स्टेशन की अव्यवस्थाओं को दूर करने के निर्देश दिए थे। निर्देश दिए एक माह का समय गुजर गया है, लेकिन अभी तक रेलवे के अधिकारी यात्री प्रतीक्षालय में बैठने के लिए कुर्सी का इंतजाम नहीं कर पाए। उधर, पटरियों पर साफ सफाई का भी अभाव बना हुआ है।

प्लेटफार्म पर भी नहीं पर्याप्त बैठक व्यवस्था
प्लेट फार्म एक पर भी यात्रियों को बैठने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। यात्रियों को जमीन पर ही बैठना पड़ता है। कई बार ट्रेन लेट हो जाती है। यात्रियों को जमीन पर ही बैठकर इंतजार करना पड़ता है। प्लेट फार्म पर पर्याप्त जगह के बाद भी कुर्सियां नहीं लगाई हैं। इससे यात्रियों को असुविधा हो रही है।

स्टेशन पर साफ सफाई का भी अभाव
रेलवे स्टेशन पर प्लेट फार्म की सफाई की जा रही है, लेकिन पटरियों की सफाई के लिए आई मशीनों को उपयोग नहीं होता है। इस कारण प्लेट फार्म की तीनों लाइन पर गंदगी हो रही है। नालियों में पानी की बोतल, पालीथिन और कचरा भरा हुआ है। सफाई के नाम पर खानापूर्ति हो रही है।

स्टेशन पर चालू नहीं हो सके डिस्प्ले
गुना रेलवे स्टेशन पर तीन प्लेट फाम हैं। एक और दो नंबर के प्लेट फार्म पर सबसे ज्यादा ट्रेनें आती हैं। लंबी दूरी की ट्रेन प्लेट फार्म एक पर आती हैं, लेकिन ट्रेनों के कोच की जानकारी के लिए डिस्प्ले बोर्ड अब तक चालू नहीं हो सके हैं। इस स्टेशन पर दयोदय एक्सप्रेस, भागलपुर जमजेर एक्सप्रेस, इंदौर जबलपुर, कोटा जबलपुर, जोधपुर भोपाल सहित कई ट्रेने हैं, जिनमें रिजर्वेशन की बोली अधिक होती हैं।

रात के समय जो ट्रेन आती हैं, उनके कोच समझ नहीं आते हैं और उनका स्टापेज भी कम समय का रहता है। ऐसे में बुजुर्ग, महिला यात्री को ट्रेन में बैठने में काफी दिक्कत होती है। त्योहारों के चलते स्टेशन पर भीड़ अधिक होती है, ऐसे में यात्रियों को कोच डिस्प्ले बोर्ड की जरूरत मेहसूस होती है। यात्रियों ने बताया, शिकायत पुस्तिका में भी इसका उल्लेख पूर्व में किया जा चुका है, इसके बाद भी व्यवस्थाओं में कोई सुधार नहीं हो सका है।

पूछताछ केंद्र पर नहीं दी जाती जानकारी
स्टेशन के पूछताछ केंद्र पर भी यात्रियों को सही जानकारी नहीं दी जाती है। यात्री जब ट्रेनों की जानकारी लेने पहुंचते हैं तो उनसे ठीक व्यवहार नहीं किया जाता है। कई बार यात्रियों को निराश होकर लौटना पड़ता है। इस कारण से स्टेशन पर यात्री परेशान हो रहे हैं। प्रबंधन ध्यान नहीं दे रहा है।

रात में खुलती है एक टिकट विंडो
रेलवे स्टेशन पर रात के समय यात्रियों को टिकट लेने में भी दिक्कत हो रही है। जब मशीन वेंडर स्टेशन पर नहीं होते हैं तो काउंटर पर यात्रियों की भीड़ काफी ज्यादा बढ़ जाती है। इस कारण यात्रियों को टिकट लेने में आधा से एक घंटा तक कतार में लगे रहना पड़ता है, तब टिकट मिल पाता है।