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नेताओं के फोटो वाले स्वागत द्वार बना दिए लेकिन जनहित के कामों के लिए पैसा नहीं

फिजूलखर्ची... विधायक निधि के लाखों रुपए स्वागत द्वार पर खर्च, सड़क-पानी को तरस रहे लोग

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नेताओं के फोटो वाले स्वागत द्वार बना दिए लेकिन जनहित के कामों के लिए पैसा नहीं

नेताओं के फोटो वाले स्वागत द्वार बना दिए लेकिन जनहित के कामों के लिए पैसा नहीं

गुना/ फतेहगढ़. विधायकों को विधायक निधि इसलिए मिलती है कि वे क्षेत्र के लोगों की मूलभूत समस्याओं को दूर करने के लिए इसमें से राशि जारी करें। लेकिन इस पैसे से नेताओं के फोटो वाले स्वागत द्वार बनाकर फिजूलखर्ची की जा रही है। जिले की कई ग्राम पंचायतों में बजट के अभाव में विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। सड़क, नाली से लेकर पेयजल की समस्या कई सालों से बनी है।

ताजा मामला जिले की बमोरी जनपद पंचायत क्षेत्र के कई ग्राम पंचायतों में सामने आया है। इनमें से एक है फतेहगढ़ पंचायत। आबादी की लिहाज से जनपद क्षेत्र की यह सबसे बड़ी पंचायत है। यहां पिछले 5 सालों से मुक्तिधाम की मांग की जा रही है। पंचायत का तर्क है कि बजट के अभाव में मुक्तिधाम का जीर्णोद्धार नहीं हो पा रहा है। गांव में सड़क, नाली के भी बुरे हाल हैं। गांव की अधिकांश आबादी पेयजल के लिए निजी ट्यूबवेल पर निर्भर है। जिन्हें प्रतिमाह 150 से 200 रुपए तक का भुगतान करना पड़ता है।

प्रदेश के पंचायत मंत्री महेंद्र सिंह सिसौदिया बमोरी विधानसभा से विधायक हैं। उनकी विधायक निधि से क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में स्वागत द्वार लगवाए जा रहे हैं। फतेहगढ़, झागर सहित अन्य गांवों के मुख्य मार्गों पर स्वागत द्वार लग चुके हैं। एक स्वागत द्वार की कीमत 3 लाख रुपए है। इसे विधिवत अमलीजामा पहनाने के लिए बकायदा पंचायत द्वारा प्रस्ताव पारित कराया गया है। जबकि इसका पंचायत को कोई खास लाभ नहीं है।

स्वागत द्वार पर विधायक का नाम, फोटो के अलावा सीएम व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का फोटो लगाया गया है। वहीं आने वाले चुनाव के मद्देनजर आचार संहिता लगते ही प्रशासन द्वारा यह ढंक दिए जाएंगे।
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विधायक निधि का निजी प्रचार प्रसार के लिए उपयोग किया है, यह ठीक नहीं है। क्योंकि फतेहगढ़ सहित बमौरी विधानसभा की कई ग्राम पंचायतें बजट के अभाव में सड़क, नाली, पेयजल जैसी मूलभूत समस्याओं से जूझ रही हैं। पहले इन समस्या को दूर करना चाहिए। कई गांव में स्कूल भवन जर्जर हालत में हैं। इस पैसे से उनकी मरम्मत करवाना चाहिए।

गोविंद उपाध्याय, उपसरपंच ग्राम पंचायत फतेहगढ़
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फतेहगढ़ के अलावा दूसरी पंचायत में भी विधायक निधि से स्वागत द्वार लगे हैं। एक पर 3 लाख का खर्च आया है। जहां तक बजट की कमी का सवाल है तो पंचायत में सबसे ज्यादा परेशानी सफाई कार्य में आ रही है। नियमित सफाई के लिए जितना बजट चाहिए उतना पंचायत के पास नहीं हैं।

नन्नूलाल लोधी, सचिव ग्राम पंचायत, फतेहगढ़