
आत्माराम पारदी केस में आया नया मोड़
गुना। जिले के बहुचर्चित आत्माराम पारदी मामले में उस समय नया मोड़ आ गया जब उसकी पत्नी मरजीना ने गुना की स्पेशल कोर्ट में आवेदन लगाया और कहा कि उसका पति सात वर्ष पहले रोहतक से जम्मू गय अपने साथियों के साथ गया था। उसके साथी तो गुना वापस आ गए, उसका पति लौटकर नहीं आया। तभी से वह लापता है। जबकि उसकी मां अप्पीबाई मरने से पूर्व अपने बेटे आत्माराम को फरार पुलिस दरोगा रामवीर सिंह एवं उनके साथी आरोपियों पर मार डालने का आरोप लगाती रही थी।आत्माराम की पत्नी मरजीना ने गुना के एससी एसटी की स्पेशल कोर्ट में स्पेशल जज रविंद्र कुमार भद्रसेन के समक्ष एक आवेदन लगाया जिसमें उसने कहा कि आरोपी फरार दरोगा रामवीर सिंह को जमानत देने में कोई आपत्ति नहीं हैं। जबकि फरार दरोगा के अग्रिम जमानत आवेदन पर सुनवाई के समय सुलोचना की और से लिखित में उनके अभिभाषक ने आपत्ति लगाई कि रामवीर सिंह को जमानत पर छोड़ देने से समाज में एक गलत संदेश जाएगा और साक्षियों को प्रभावित करेगा। सुलोचना की और से उनके अभिभाषक ने जमानत देने से यह कहकर विरोध किया कि आत्माराम की पत्नी मरजीना आरोपियों को बचाने उनसे मिल चुकी है। वह घटना की चश्मादीद गवाह भी नहीं हैं। आरोपियों ने आत्माराम की हत्या कर उसके शव और कई सबूतों को नष्ट कर दिया है ताकि अपराध के दंड से बच सके। जबकि रामवीर की और से उनके वकील ने तर्क रखे थे कि आरोपी को अपराध में झूठा फंसाया गया है। वह उप निरीक्षक के पद पर कार्यरत है और उसका कार्यकाल बेदाग रहा है। उसने फरियादी सुलोचना के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की थी इसलिए झूठी कहानी बनाई है। यह तर्क भी दिया कि आरोनी ने जांच में सहयोग किया है और नोटिस जारी होने पर दो बार सीआईडी के सामने पेश हुआ है।
वहीं मरजीना ने इस केस को हाईकोर्टर् में लड़ने वाली सुलोचना पारदी के ऊपर आरोप लगाते हुए कहा गया कि सुलोचना ओर उसके परिवार से हमारा कोई रिश्ता नही है, उसने मेरे ओर मेरे परिवार के नाम से झूठा आवेदन कोर्ट में लगाया है। और मेरे पति आत्माराम के झूठे मर्डर केस में निर्दोष पुलिस वालों को सुलोचना पारदी के द्वारा फंसाया जा रहा है। जबकि मेरे पति आत्माराम को किसी ने मारा नही हैं वह तो 7 वर्ष से रोहतक जम्मू से लापता है।सन् 2०15 में मरजीना ने पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में आरोपियों पर गोली मारकर अन्यत्र जगह ले जाने का आरोप लगाया था।रोहतक में इलाज का दावा निकला था झूठा
सीआईडी ने आत्मारम की पत्नी मरजीना तथा विशाल पारदी और आर्यन पारदी के कथन भी लिए थे। मरजीना ने दावा किया था कि आत्माराम का हरियाणा रोहतक में पैर का इलाज कराया गया, लेकिन पुलिस द्वारा कीगई जांच में उसका दावा झूठा निकला था। मरजीना पर आरोप है कि वह आरोपियों को बचाना चाहती है इस कारण वह अपनी उस शिकायत से भी मुकर गई है जो उसने जुलाई2०15 को आरोपियों के विरुद्ध शिकायत की थी।आरोपियों पर दर्ज हुआ था मामला
उधर जांच रिपोर्ट के आधार पर अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध धारा 365 भादंवि का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान साक्षीगण के धारा 164 के अन्तर्गत बयान लिए गए थे। न्यायालयीन कथनों में आए तथ्यों के आधार पर आरोपी रामवीर सिंह कुशवाह एवं अन्य के विरुद्ध आईपीसी की धारा365, 3०7 एवं एससीएसटी एक्ट की धारा 3 (2)(5)के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध है।सीआईडी को दो पुलिस कर्मियों की और तलाश
सीआईडी के सूत्रों के अनुसार आत्माराम पारदी मामले में शामिल पुलिस आरक्षक विनीत भारद्वाज और राजेश गुप्ता की तलाश हो रही है। इनकी भी भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। इसके साथ ही रामवीर को संरक्षण देने वालों की साक्ष्यों के साथ चार-पांच लोगों की सूची बनकर तैयार हो गई है। सीआईडी पुलिस उनको हाईकोर्ट की सुनवाई से पूर्व उठाकर पूछताछ कर सकती है।खबर मिलने के बाद इनमें से एक नामजद प्रोपर्टी डीलर भूमिगत हो गया है।
Published on:
06 Jan 2023 01:44 pm
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