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गुना रेलवे स्टेशन पर सिर्फ एक टिकट विंडो चालू, वेंडर मशीन बन्द

50 से अधिक यात्री नही ले सके टिकटट्रेन के अंदर टीटी ने की चेकिंग तो सभी का हुआ जुर्मानाबोले, ट्रेन से यात्रा करना हुआ असुक्षित

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गुना रेलवे स्टेशन पर सिर्फ एक टिकट विंडो चालू, वेंडर मशीन बन्द

गुना रेलवे स्टेशन पर सिर्फ एक टिकट विंडो चालू, वेंडर मशीन बन्द

गुना. मॉडल स्टेशन का दर्जा प्राप्त गुना के रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए सुविधाओं में इजाफा होने के वजाए कटौती होती जा रही है। यात्रियों के लिए सबसे जरूरी सुविधाओं में से एक टिकट विंडो तक पर्याप्त संख्या में मौजूद नहीं है। जिसके अभाव में हर दिन कम से कम आधा सैकड़ा यात्रियों को बिना टिकट ही ट्रेन में सवार होना पड़ रहा है। इसके अलावा रात के समय यात्रियों को ट्रेन में असुरक्षा की भावना के साथ यात्रा करना पड़ता है। यही नहीं गुना स्टेशन पर रात के समय भी पुलिस मौजूद नहीं रहती। इस तरह के अनुभव प्राप्त यात्री अब परिवार सहित ट्रेन में यात्रा करने से परहजे करने लगे हैं। लेकिन बसों में अधिक किराया तथा समय पर आवागमन के साधन उपलब्ध न होने से ट्रेन में यात्रा करना मजबूरी हो गया है।
सोमवार को नागदा-बीना ट्रेन में सफर करने वाले कई यात्रियों ने पत्रिका को अपना अनुभव शेयर करते हुए बताया कि वे गुना स्टेशन पर टिकट लेने के लिए समय से पहले ही आ चुके थे। लेकिन यात्रियों की संख्या बहुत ज्यादा थी। स्थिति यह थी कि लाइन टिकट विंडो से लेकर स्टेशन की सीढिंयों तक थी। टिकट वितरण सिर्फ एक ही विंडों पर चालू था। इसके अलावा टिकट वितरण के लिए वहां दो मशीनें रखी थी लेकिन उन्हें चलाने वाला कोई मौजूद नहीं था। पूछने पर बताया गया कि उसे चलाने के लिए ऑपरेटर नहीं है। ऐसी स्थिति में 50 से अधिक यात्रियों को टिकट नहीं मिल सका और ट्रेन प्लेटफार्म पर आ गई। चूंकि यात्रियों को जरूरी काम से जाना था इसलिए उन्हें बिना टिकट ही टे्रन में सवार होना पड़ा। चिंता की बात यह है कि गुना स्टेशन से ही कई टीटी ट्रेन में सवार हुए और उन्होंने रास्ते में चैकिंग शुरू की तो बड़ी संख्या में यात्री बिना टिकट पकड़े गए। जिनका 500 से लेकर एक हजार रुपए तक का जुर्माना किया गया। यही नहीं जिन यात्रियों के पास इतने पैसे नहीं थे उन्हें जीआरपी थाने ले जाया गया। इस तरह के व्यवहार से यात्रियों में गुना स्टेशन प्रबंधन को लेकर तीखी नाराजगी देखने को मिली। यात्रियों का कहना था कि गलती स्टेशन प्रबंधन की है, उन्हें यात्रियों की संख्या के हिसाब से टिकट वितरण के लिए विंडो की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए ताकि यात्रियों को समय पर टिकट मिल सकें और वे मजबूरी में बिना टिकट ट्रेन में यात्रा न करें।
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रात के समय स्टेशन पर नजर नहीं आती पुलिस
बड़े शहरों के लिए जाने वाली अधिकांश ट्रेन गुना स्टेशन पर रात के समय आती हैं। ऐसे में यहां से सैकड़ों यात्री ट्रेन में बैठते हैं और इतनी ही संख्या में यात्री उतरते भी हैं। लेकिन यात्रियों की सुरक्षा के लिए न तो यात्रा करते समय ट्रेन में पुलिसकर्मी नजर आते हंै और न ही स्टेशन पर। यात्रियों ने बताया कि ट्रेन रास्ते में कई ऐसी जगह पर रुकती है जहां स्टेशन न होकर जंगली इलाका व सुनसान एरिया होता है। ट्रेन के गेट भी खुले रहते हैं। ऐसे में बदमाश मौका देखकर न सिर्फ ट्रेन में सवार हो जाते हैं बल्कि वह कोई भी वारदात को भी अंजाम दे सकते हैं। इस तरह का माहौल देखते हुए कई यात्री परिवार सहित ट्रेन में यात्रा करने से परहेज करने लगे हैं। लेकिन जिन्हें मजबूरीवश ट्रेन में यात्रा करनी पड़ती है, वह पूरे समय डरे सहमे रहते हैं। रास्ते में परिजनों को फोन कर अपनी लोकेशन की जानकारी देते रहते हैं।