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पत्रिका फोकस :  कलेक्टर ने जिस गोपी कृष्ण सागर डैम को पर्यटन स्थल बनाने की पहल, उसके बुरे हाल

हाइवे से 3 किमी तक का मार्ग बेहद जर्जर हालत में, 6 साल बाद भी नहीं बनी सड़क कंकड़ और गिट्टी की बजह से फिसलते हैं दो पहिया वाहन चालक चार पहिया वाहन के टायरों से गिट्टी उछलकर पैदल और टू व्हीलर सवारों को कर देती है चोटिल
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गुना

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Narendra Kushwah

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Updated: 12 Mar 2024, 10:20 PM IST

पत्रिका फोकस :  कलेक्टर ने जिस गोपी कृष्ण सागर डैम को पर्यटन स्थल बनाने की पहल, उसके बुरे हाल

गोपीसागर डेम का बोटिंग एरिया।

गुना/राघौगढ़ . जिस गोपीकृष्ण सागर डैम को कलेक्टर अमनबीर सिंह बैंस ने पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की पहल की है। उसकी हालत बीते 6 साल से बेहद खराब है। सबसे ज्यादा चिंता की बात तो यह है कि एबी रोड से जीकेएस तक जाने वाला मार्ग बेहद जर्जर हालत में है। इसकी यह दशा पिछले काफी समय से है। 6 साल से इस मार्ग पर कोई नया निर्माण नहीं हुआ है। जिससे मार्ग बहुत ज्यादा खुद गया है। 3 किमी के रास्ते में इतनी गिट्टी पड़ी है कि दो पहिया वाहन चालक सुरक्षित जीकेएस तक पहुंच जाए तो यह उसके लिए बड़ी उपलब्धी होगी। इस मार्ग पर जब चार पहिया वाहन चालक निकलते हैं तो गिट्टी उछलकर पैदल जाने वाले और दो पहिया वाहन चालकों को लग जाती है। कुल मिलाकर यह बेहद खराब मार्ग लोगों को गोपीसागर डैम घूमने से रोकने का काम कर रहा है।

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प्रस्ताव भेजे एक साल हो गया लेकिन सड़क नहीं बनी

जल संसाधन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक गोपीसागर डैम के पहुंच मार्ग में दो किमी लंबी डामर सड़क बनाने के लिए विभाग प्रस्ताव भेज चुका है। इसे एक साल हो गया है। लेकिन अब तक सड़क का काम शुरू नहीं हो सका है। गौर करने वाली बात है कि जीकेएस जिले का एक मात्र ऐसा स्थान है जहां गुना शहर ही नहीं बल्कि जिले भर के अलावा बाहर से भी बड़ी संख्या में सैलानी घूमने आते हैं। इसके बावजूद सड़क नहीं बनाई गई है।

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गोपीकृष्ण सागर डैम को पर्यटन स्थल बनाने 50.68 लाख का प्रस्ताव

जल संसाधन विभाग के एसडीओ एमएस नरवरिया ने पत्रिका को बताया कि गोपीसागर डैम को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने 50.68 लाख का प्रस्ताव बनाकर भेज दिया है। जिसमें सैलानियों के लिए हर जरूरी सुविधा का ध्यान रखा गया है। वर्तमान में नगर पालिका राघौगढ़ द्वारा बोटिंग की सुविधा दी है। जो पार्क हैं उन्हें और सुंदर व आकर्षक बनाने डवलप किया जाएगा। डेम के पिचिंग एरिया पर सैलानियों की सुविधा के हिसाब से और काम होगा। वाहन स्टैंड बनाया जाएगा। कैंटीन की सुविधा बढ़ेगी। सैलानियों को दी जाने वाली सुविधा के लिए अलग-अलग शुल्क भी निर्धारित होंगे। इस प्रस्ताव में पहुंच मार्ग पर सड़क निर्माण भी शामिल है।

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टू-व्हीलर से होते तो घूमे बिना ही लौट जाते

शहरी क्षेत्र में ऐसा कोई स्थान नहीं है जहां परिवार सहित घूमने जा सकें। नजदीक में गोपीकृष्ण सागर डैम ही है, इसलिए वहां चले गए। लेकिन जैसे ही हाइवे से जीकेएस के लिए टर्न किया तो रास्ते की हालत देखकर चौक गए। चूंकि हम फोर व्हीलर से थे इसलिए ज्यादा दिक्कत नहीं आई लेकिन मार्ग की हालत देखकर मन में यही विचार आया कि यदि टू-व्हीलर से आए होते तो अपनी सुरक्षा के लिए वापस जाना ही पड़ता था।

अर्चना गोस्वामी, सैलानी

-प्रपोजल भेज दिया है

कलेक्टर के निर्देशानुसार हमने गोपीकृष्ण सागर डैम को पर्यटन स्थल बनाने के लिए प्रपोजल तैयार भेज दिया है। जिसमेें हाइवे से जीकेएस तक के मार्ग में सड़क निर्माण भी शामिल हैं। इसके अलावा गोपीकृष्ण सागर डैम क्षेत्र में पर्यटकों की सुविधा के हिसाब से अन्य सुविधाओं में इजाफा होगा।

एमएस नरवरिया, एसडीओ

जल संसाधन विभाग राघौगढ़