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मानव की महत्ता तब जब वह नए जीवन का निर्माण करे

जैन संत वीररत्न विजय महाराज ने किशोर एवं युवाओं के लिए आयोजित विशेष संस्कार शिविर में मंगलवार को व्यक्त किए

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मानव की महत्ता तब जब वह नए जीवन का निर्माण करे

मानव की महत्ता तब जब वह नए जीवन का निर्माण करे

गुना. जीवन जीना एक सामान्य बात है। मानव की महत्ता तब बनती है जब वह नए जीवन का निर्माण करता है, जीवन की नई ऊंचाईयों पर ले जाता है, साधना की गहराई में पहुंचा देता है, जीवन को वन नही, उपवन-नंदनवन-वृदांवन बनाने का सार्थक प्रयास करता है। सच्चा व अच्छा जीवन वह है जिसमें ज्ञान का प्रकाश हो, संयम की सुवास हो। यह प्रेरणादायी उद्गार जैन संत वीररत्न विजय महाराज ने किशोर एवं युवाओं के लिए आयोजित विशेष संस्कार शिविर में मंगलवार को व्यक्त किए।
श्री चिंतामणी पाŸवनाथ जैन श्वेताम्बर मंदिर में विराजित अनुयोगाचार्य वीर रत्न विजय महाराज ने उपस्थित श्रद्धालुओं को बताया कि जिस पर परमात्मा की करूणा बरसती हो, गुरूवर की कृपा बनी हो, माता-पिता का आशीर्वाद हो तथा गरीब-दु:खी की दुआ हो उस व्यक्ति का नुकसान कोई भी शक्ति कर नहीं सकती।
गुरूदेव का दर्शन मिल जाए यह आपका भाग्य है। संत का मिलन हो जाए आपका अहोभाग्य है, संत कभी आपको याद कर लें आपका परम सौभाग्य है किन्तु संत के परिचय के बाद भी जो सुधर न जाए यह आपका दुर्भाग्य है। वीररत्न ने कहा पूर्ण संत वह है जिस पर किसी वस्तु का संग्रह न हो, किसी बात का आग्रह न हो, किसी व्यक्ति के प्रति दुराग्रह न हो। 'प्राप्त ही पर्याप्त हैÓ यही सुखी जीवन का श्रेष्ठ मंत्र है।
परमात्मा का दर्शन-वंदन-पूजन अर्चन के बाद प्रभु से दिल खोलकर प्रार्थना करों कि है प्रभु आपकी भक्ति के प्रभाव से मेरी आंखो में से विकार भाव खत्म हो जाए। मेरी जुबानी में से तिरस्कार भाव समाप्त हो जाए। मेरे मन में से अहंकार भाव का नाश हो जाए। मेरे हृदय में किसी के प्रति धिक्कार भाव न आ जाए। परमात्मा के प्रति समर्पण, गुरू के प्रति आस्था रखने वाले तथा माता-पिता को नमन वंदन करने वाले युवक को इच्छित सफलता पाने से कोई नहीं रोक सकता।
संत ने वीरमणि जैन श्वेतांबर बालक मंडल तथा वीरमणि जैन श्वेतांबर बालिका मंडल की स्थापना करते हुए कहा कि समाज की सेवा हो अथवा देश की सेवा, संगठित होकर अपने व्यक्तिगत सामथर््य से भी आगे बढ़कर कार्य संभव किए जा सकते हैं।
आज अशोकनगर के लिए करेंगे विहार
अनुयोगाचार्य वीररत्न विजय महाराज बुधवार को अशोकनगर के लिए विहार करेंगे। यहां 2, 3, 4 अप्रैल को भगवान आदिनाथ का जन्म-दीक्षा कल्याणक महोत्सव होगा। बीनागंज में 12-13 अप्रैल को वीरमणि जैन के महावीर भवन का उद्घाटन होगा। गुड़ी-पड़वा 13 अपे्रेल को पेंची में नववर्ष का महामांगलिक 108 पाŸवनाथ महापूजन के साथ श्री पाश्र्वनाथ वीरमणि जैन के मांगलिक भवन का भूमि पूजन होगा।