
गुडग़ांव. टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की प्रवर्तन शाखा ने सेक्टर 10ए में 13 एकड़ में फैली तीन अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त कर दिया और सनसिटी टाउनशिप और डीएलएफ 1 में 20 से अधिक संपत्तियों को सील कर दिया जहां मालिकों ने कब्जा प्रमाण पत्र जारी होने के बाद अतिरिक्त मंजिलों का निर्माण किया और अवैध संरचनाएं बनाईं। अधिकारियों ने कहा कि विभाग को डीएलएफ 1 और सनसिटी टाउनशिप में आवासीय संपत्तियों में अवैध निर्माण और वाणिज्यिक गतिविधियों के बारे में सीएम विंडो के माध्यम से शिकायत मिली थी जिसके बाद सीलिंग कार्रवाई शुरू की गई थी।
जिला नगर योजनाकार (प्रवर्तन) मनीष यादव ने बताया कि कार्रवाई डीएलएफ फेज 1 के ए, बी और जी ब्लॉक में की गई। अवैध निर्माण के लिए ए ब्लॉक में दो इमारतों और बी ब्लॉक में एक स्टिल्ट पार्किंग को सील कर दिया गया। जी ब्लॉक में पार्किंग में बने अवैध कमरे, घरेलू कर्मचारियों के लिए कमरे और एक इमारत में खाली फर्श को भी सील कर दिया गया।
बाद में ईडब्ल्यूएस श्रेणी के तहत 60 वर्ग गज के भूखंडों में चौथी और पांचवीं मंजिल के अवैध निर्माण के लिए गोल्फ कोर्स रोड के साथ सेक्टर 54 में सनसिटी टाउनशिप में 12 इमारतों को सील कर दिया गया। यादव ने बताया कि इसी तरह कई आवासीय घरों में अवैध व्यावसायिक गतिविधियां चल रही थीं। छह अवैध वाणिज्यिक गतिविधियों को भी सील कर दिया गया जिनमें प्रॉपर्टी डीलरों क्लीनिक और पीजी के कार्यालय शामिल थे। प्रमुख उल्लंघनों में अवैध निर्माण, भवन नियमों से विचलन और अवैध व्यावसायिक गतिविधियां चलाना शामिल हैं।
सीलिंग की कार्रवाई से पहले विभाग ने कारण बताओ नोटिस और बहाली आदेश जारी किए लेकिन किसी भी संपत्ति मालिक से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला जिसके बाद सीलिंग की कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान भी यह पाया गया कि अपराधी अवैध निर्माण कर रहे थे।
इस बीच विभाग ने सेक्टर 10ए में तीन अवैध कॉलोनियों में बड़े पैमाने पर तोडफ़ोड़ अभियान भी चलाया। विध्वंस अभियान में पुलिस कर्मी भी मौजूद थे। वजीरपुर गांव में 11 एकड़ जमीन पर अवैध रूप से काटी गई दो कॉलोनियों को ढहा दिया गया। अधिकारियों ने चार संरचनाओं, चारदीवारी और एक सडक़ नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया। हयातपुर गांव में दो एकड़ बेशकीमती जमीन पर फैली एक और अवैध कॉलोनी को भी ढहा दिया गया। स्थान पर कुल 10 संरचनाएं और एक फार्महाउस को ध्वस्त कर दिया गया।
यादव ने स्थानीय लोगों से अपील की कि वे अपनी मेहनत की कमाई को ऐसी अनधिकृत कॉलोनियों में निवेश न करें और उनसे कोई भी जमीन/प्लॉट खरीदने से पहले किसी भी पूछताछ के लिए जिला नगर योजनाकार के कार्यालय से संपर्क करने का आग्रह किया।
Updated on:
4 Jun 2024, 6:30 PM IST
Published on:
4 Jun 2024, 6:30 PM IST
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