
IAS रानी नागर को ड्यूटी पर असुरक्षा, दिया इस्तीफा
गुरुग्राम/चंडीगढ़. हरियाणा में अक्सर सुर्खियों में रहने वाली 2014 बैच की आईएएस रानी नागर ने सोमवार को लॉकडाउन खुलते ही सिविल सचिवालय पहुंचकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया। रानी नागर ने मुख्य सचिव को दिए इस्तीफे में सरकारी ड्यूटी के दौरान असुरक्षा को इस्तीफे का मुख्य कारण बताया है।
रानी नागर अपने सेवाकाल के दौरान अक्सर विवादों में रही हैं। रानी नागर इन दिनों में सामाजिक सुरक्षा विभाग में अतिरिक्त निदेशक के पद पर तैनात हैं। वर्ष 2014 में बतौर आईएएस कार्यभार संभालने वाली रानी नागर के इस छोटे से कार्यकाल के दौरान कई अवसर ऐसे आए हैं जब दूसरे पक्ष ने उनकी मनोस्थिति पर सवाल उठाए।
रानी नागर ने वर्ष 2018 के दौरान एक आईएएस पर दुव्र्यवहार का आरोप भी लगाया था। यह मामला सीएम के दरबार में भी पहुंचा था। नागर ने एक कैब ड्राइवर पर भी अभद्रता का आरोप लगाया था। सिरसा जिला के डबवाली में एसडीएम पद पर रहते हुए उन्होंने अपनी जान को खतरा बताया था।
फेसबुक पर पोस्ट डालकर बताया था
लॉकडाउन के चलते रानी नागर चंडीगढ़ के यूटी गैस्ट हाउस में ठहरी हुई हैं। बीती 23 अप्रैल को रानी नागर ने फेसबुक पर एक पोस्ट डालकर कहा था कि अभी चंडीगढ़ में कफ्र्यू लगा हुआ है इसलिए वह तथा उनकी बहन रीमा नागर चंडीगढ़ से बाहर नहीं जा सकती हैं। गाजियाबाद तक के रास्ते बंद हैं। रानी नागर ने लॉकडाउन के बाद इस्तीफा देने का ऐलान किया था। जिसके चलते सोमवार को उन्होंने मुख्य सचिव को इस्तीफा भेज दिया। उन्होंने इस्तीफे के पीछे मुख्य कारण डयूटी के दौरान सुरक्षा को बताया है।
मायावती समेत कई नेताओं ने किया था समर्थन
आईएएस रानी नागर ने जब फेसबुक पर अपना इस्तीफा देने का ऐलान किया था तो उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने समर्थन करते हुए राज्य व केंद्र सरकार से नागर द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की मांग की थी। हरियाणा के पूर्व विधायक ललित नागर तथा अन्य कई संगठनों ने भी रानी नागर का समर्थन करते हुए सरकार से जांच की मांग की थी।
Published on:
05 May 2020 12:11 am
बड़ी खबरें
View Allगुडगाँव
हरियाणा
ट्रेंडिंग
