
Committee will check other states NOC
चंडीगढ। प्रदेश भर में आवासीय प्रयोजन से भिन्न प्रतिष्ठानों के लिए हर वर्ष अग्निशमन अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए अग्निशमन कार्यालयों में चक्कर नहीं काटने पडेंगे। शहरी स्थानीय निकाय विभाग मंत्री द्वारा इसे गैर व्यवहारिक बताते हुए संशोधन का विधेयक विधानसभा में पेश किया गया, जहां इसे पारित करने के साथ-साथ ही लोगों को सालाना भाग-दौड करने की बजाय पांच साल में एक बार अग्निशमन अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने की मंजूरी मिल गई।
बजट सत्र के अंतिम दिन विधानसभा में शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन ने प्रदेश के हजारों लोगों को बडी राहत दिलाने के लिए हरियाणा अग्निशमन सेवा अधिनियम 2009 में बदलाव लाते हुए संशोधन विधेयक पेश किया गया। इस विधेयक के मुताबिक अग्निशमन विभाग से हर साल नियमित तौर पर आवासीय प्रयोजन से भिन्न औद्योगिक संस्थान, शैक्षिक संस्थान, 15 मीटर से अधिक ऊंचाई के जैसे गु्रप हाउसिंग, बहु मंजिल फ्लैट्स, वाकअप अपार्टमेंट के लिए अग्निशमन अनापत्ति प्रमाण पत्र लिए जाने की प्रक्रिया है।
इसमें आमजन और विभाग अग्निशमन व्यवस्था को बेहतर बनाने से ज्यादा कागजी प्रक्रिया को पूरा कराने की जद्दोजहद में लगे रहते थे। इसे गैर व्यवहारिक मानते हुए हर साल अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को पांच साल में एक बार करवाने का प्रावधान किए जाना उचित रहेगा। चूंकि यह समय लेने वाली प्रक्रिया है, जिसमें आवेदक के उत्पीडन की संभावनाएं भी बनी रहती थी। अब आवेदकों को हर साल की बजाय पांच साल में एक बार ही अग्निशमन अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना होगा। यही नहीं प्रमाण पत्र पा चुके भवन स्वामी द्वारा हर साल स्वयं घोषणा प्रमाण पत्र देना होगा कि उसके भवन/परिसर में स्थापित की गई अग्निशमन प्रणाली बेहतर तरीके से काम कर रही है तथा भवन में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
उन्होंने बताया कि भवन में बदलाव की स्थिति में पूर्व में जारी अग्निशमन प्रमाण पत्र का समाप्त माना जाएगा तथा आवेदक को नए सिरे से आवेदन करना होगा। संशोधित आवेदन के लिए प्रमाण पत्र जारी करने के लिए अग्निशमन अधिकारी औचक निरीक्षण करके अग्निशमन प्रणाली को जाचेंगे। कैबिनेट मंत्री कविता जैन ने बताया कि इस संशोधन से प्रदेश हजारों लोगों को फायदा होगा।
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