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राजेंद्र सिंह जादौन की रिपोर्ट...
(हरियाणा): हरियाणा सरकार ने पुलिस कमिश्नरेट, गुरुग्राम में रात्रि डयूटी करने के लिए 1,000 पूर्व सैनिकों को विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) के रूप में नियुक्त करने की स्वीकृति प्रदान करने का निर्णय किया है। यह निर्णय मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में मंगलवार को यहां हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया।
पुलिस बल को मिलेगी मजबूती
यह निर्णय पुलिस बल को मजबूत करने और अवांछित घटनाओं के साथ-साथ विशेष रूप से रात्रि के दौरान महिलाओं के विरूद्घ अपराधों को प्रभावी रूप से रोकने में पुलिस को सक्षम बनाने के लिए किया गया है। राज्य सरकार ने यह निर्णय पूर्व सैनिकों के सभी मौसमों में चरम परिस्थितियों से निपटने के लिए अच्छी तरह से प्रशिक्षित होने और इन्हें एसपीओ के रूप में पुलिस बल का हिस्सा बनाने से पुलिस प्रदर्शन का स्तर
बढ़ने की संभावना के मद्देनजर लिया है।
यह होगी पात्रता
इनकी नियुक्ति की पात्रता और शर्तों के अनुसार पूर्व सैनिकों की आयु 25 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए और उन्हें अनुशासनहीनता, दुव्र्यवहार या मेडिकल आधार पर उनकी पिछली सेवा से हटाया या बर्खास्त न किया गया हो । योग्य स्वैच्छिक पूर्व सैनिकों को 18,000 रुपये के मासिक मानदेय पर एक वर्ष की अवधि के लिए नियुक्त किया जाएगा। इस सहायक बल के सदस्यों को उनके गृह पुलिस स्टेशनों में नियुक्त नहीं किया जाएगा, लेकिन जहां तक संभव हो सके उनके निवास स्थान के निकट आस-पास के पुलिस स्टेशनों में उन्हें नियुक्त किया जाएगा। हालांकि, इच्छुक लोगों को अन्य कमिश्नरेट या जिले में भी नियुक्त किया जा सकता है। नियुक्ति के समय इन्हें वर्दी के दो सेट, जूते की एक जोड़ी और वर्दी की अन्य आवश्यक वस्तुओं के लिए 3,000 रुपये का एकमुश्त वर्दी भत्ता दिया जाएगा। वे आधिकारिक दौरे के लिए 150 रुपये प्रतिदिन के टीए और डीए के लिए पात्र होंगे। हरियाणा पुलिस में कॉन्स्टेबलों की भांति इन्हें आकस्मिक अवकाश दिया जाएगा। वे मृत्यु की स्थिति में 10 लाख रुपये, स्थायी निशक्तता के लिए एक लाख रुपये से तीन लाख रुपये और गंभीर चोट के लिए एक लाख रुपये तक के एक्सग्रेशिया अनुदान के लिए पात्र होंगे।
नहीं होगी किसी भी तरह की परीक्षा
इनकी नियुक्ति के लिए कोई लिखित परीक्षा या शारीरिक माप नहीं लिया जाएगा। हालांकि, पूर्व सैनिकों ने सेना में कम से कम पांच साल की सेवा की हो। सेवा के निर्वहन के समय चिकित्सा श्रेणी ‘ए’ होनी चाहिए और सेवा से निवृति केसमय चरित्र अनुकरणीय या उत्कृष्ट होना चाहिए। आपूर्ति कोर, मेडिकल कोर, सिग्नल कोर और इंजीनियरिंग कोर की बजाय सेना में सक्रिय सशस्त्र डयूटी पर रहे पूर्व सैनिकों को प्राथमिकता दी जाएगी। इनका चयन एक बोर्ड द्वारा साक्षात्कार के माध्यम से किया जाएगा जिसमें अध्यक्ष के रूप में पुलिस उपायुक्त, एक सहायक पुलिस आयुक्त और संबंधित कमिश्नरेट का एक निरीक्षक शामिल होगा, जिन्हें पुलिस मुख्यालय द्वारा मनोनीत किया जाएगा।
ऐसे हो सकती है नौकरी में दिक्कत
इन स्वैच्छिक एसपीओ को कोई भी नोटिस जारी किए बिना संबंधित पुलिस अधीक्षक द्वारा आदेश पारित करके एक वर्ष की अवधि से पहले किसी भी समय अनुशासनहीनता, दुव्र्यवहार और असंतोषजनक प्रदर्शन या गैर-आवश्यकता के आधार पर हटाया जा सकता है। बर्खास्तगी के आदेश के खिलाफ किसी भी वरिष्ठ प्राधिकरण या किसी अदालत के समक्ष कोई अपील नहीं होगी। वे गुरुग्राम से बाहर अपने स्थानांतरण के लिए आवेदन नहीं करेंगे। इन परिस्थितियों में उनकी सेवाओं को समाप्त माना जाएगा।
Published on:
27 Jun 2018 01:22 pm
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