
चंडीगढ़. हरियाणा सरकार ने चुनाव से पहले बड़ा जातिगत फैसला लेते हुए पाल गडरिया समुदाय को पिछड़ा वर्ग से निकाल कर अनुसूचित जाति में शामिल कर दिया है। यह मांग प्रदेश में लंबे समय से चली आ रही थी। इस समुदाय के हजारों लोग दोहरा मापदंड झेल रहे थे।
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले आयोजित अंतिम प्रेस वार्ता के दौरान यह ऐलान करते हुए बताया कि हरियाणा में पाल गडरिया समुदाय पिछड़ा वर्ग श्रेणी में शामिल है। उन्होंने बताया कि पाल गडरिया समुदाय मूल रूप से सैंसी समुदाय की सब-कास्ट है। सीएम ने बताया कि हरियाणा में सैंसी समुदाय को अनुसूचित जाति में शामिल किया गया है। जबकि इसकी सब कास्ट पाल गडरिया को पिछड़ा वर्ग में रखा गया था।
मूल जाति व उप जाति को अलग-अलग श्रेणियों में शामिल किए जाने से इस समुदाय के लोग दुविधा में थे। हरियाणा सरकार द्वारा इस मामले को लेकर एक कमेटी का गठन किया। कमेटी की सिफारिशों के बाद आज सरकार ने पाल गडरिया बिरादरी को पिछड़ा वर्ग से बाहर निकालकर अनुसूचित जाति में शामिल कर दिया।
Published on:
11 Sept 2019 06:05 pm
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