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कम उम्र में क्यों सफेद होते हैं बाल, कैसे करें इसका बचाव, जानिए विशेषज्ञ की राय

कम उम्र में बाल सफेद होने की समस्या से बड़ी संख्या में लोग आत्मग्लानि में जी रहे हैं। इसके लिए कई तरह की दवाओं का इस्तेमाल भी कर रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि छोटी उम्र में बाल क्यों सफेद होने लगता है, इससे कैसे बचाव किया जा सकता है।

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कम उम्र में क्यों सफेद होते हैं बाल, कैसे करें इसका बचाव, जानिए विशेषज्ञ की राय

कम उम्र में क्यों सफेद होते हैं बाल, कैसे करें इसका बचाव, जानिए विशेषज्ञ की राय

पहले जमाने में बढ़ती उम्र के साथ सिर और दाढ़ी के बाल सफेद हुआ करते थे। सफेद बालों को लेकर कहावत भी थी कि हमारे बाल धूप में सफेद नहीं हुए हैं। इसका मतलब अनुभव से था। लेकिन पिछले कुछ सालों में हम देख रहे हैं कि युवा पीढ़ी यहां तक की स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के बाल भी सफेद हो रहे हैं। बाल सफेद होने के कई कारण हो सकते हैं मसलन खराब पानी, लाइफस्टाइल, अनहेल्दी फूड या गलत डाइटल आदि। बदलते बालों का रंग इनमें से किसी भी कारक की वजह से हो सकता है। इन चीजों से हमारे शरीर में मौलिक बदलाव होता है जिसका नतीजा हमारे बालों पर दिखाई देने लगता है।

सफेद बालों का कारण ब्लैक पिगमेंट

दरअसल सफेद बालों का कारण ब्लैक पिगमेंट है। अगर ब्लैक पिगमेंट (मेलालिन) का उत्पादन धीमा होता है तो इसका सीधा असर हमारे बालों पर दिखाई देने लगता है और वो काले से सफेद होने लगते हैं। धीरे-धीरे बढ़ते जा रहे सफेद बालों की वजह से लोगों में आत्मविश्वास की कमी होने लगती है। कई बार सफेद बालों की वजह से लोग जाने-अनजाने कुछ ऐसा कह देते हैं कि आत्मसम्मान को भी ठेस पहुंचने लगती है। सफेद बालों के कारण आपको पता ही नहीं चलता कि आप कब भैया से अंकल हो गए।

हेयर केयर की मशहूर कंपनी के सौरव ने बताई ये राय

इस विषय में हेयर केयर की एक मशहूर कंपनी थ्राइवको (ThriveCo) के सौरव पटनायक ने बताया कि हमारे कस्टमर केयर में पूरे दिन लगातार ऐसी कॉल आती रहती है जिसमें लोग किसी भी तरह से अपने सफेद बालों से छुटकारा पाना चाहते हैं। हमारे पास सेलिब्रिटीज के भी फोन आते हैं जोकि अपनी यंग लुक को बरकार रखने के लिए कुछ भी ट्राई करने को तैयार रहते हैं।'

विटामिन बी12 की कमी भी बड़ा कारण

सौरव ने बताया कि शरीर में विटामिन बी12 की कमी होने पर बालों का सफेद (White Hair) होना तेजी से बढ़ जाता है। ऐसे में खानपान में इस विटामिन को शामिल करने पर बाल कुछ हद तक काले होना शुरू हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि सफेद बाल पर लगातार होने वाली गंभीर चर्चाओं और मांगों ने हमें हेयर प्राइम सीरम बनाने के लिए प्रेरित किया जो मेलालिन सिंथेसिस को बढ़ाता है और समय से पहले सफेद होने वालों को रोकता है।
इस लिए थ्राइवको (ThriveCo) का हेयर प्राइम सीरम बनाया गया, जो क्लीनिकली टेस्टेड फॉर्म्यूलेशने है और इसके प्रमाणित परिणाम मिले हैं।

सौरव ने बताया कि कंपनी इस सीरम की एक लाख बोतलें बेच चुकी है और लगातार ऑर्डर बने हुए हैं। इससे साबित होता है कि प्रोडक्ट अच्छा असर कर रहा है। ब्रांड इस सीरम को दो से पांच हफ्तों तक इस्तेमाल करने की सलाह देता है जिससे समय से पहले सफेद हो चुके बाल दोबारा काले हो सकें।

थ्राइवको (ThriveCo) के एंटी-ग्रेइंग सीरम के लिए फॉर्मूलेशन काफी रिसर्च के बाद बनाया गया है। हाल ही में की गई क्लीनियकल स्टडी से साबित हुआ है कि जल्द से जल्द 60 दिनों में सुधार देखा जा सकता है। बिना किसी दवाई या स्टेरॉयर्ड इस्तेमाल किए बिना यह मुमकिन है।

मेलालिन संश्लेशन से काले बालों के उगने में 70 फीसदी बढ़ोतरी देखी गई, साथ ही सफेद बाल 32 फीसदी तक कम हुए। थ्राइवको के इस सीरम की खास बात ये है कि ये बालों में चिपकता नहीं है। यह काफी लाइटवेट सीरम है जिससे ये सिर की त्वचा में आसानी से मिल जाता है। सिर के जिस हिस्से में सफेद बाल ज्यादा हैं वहां सिंपल ड्रापर की मदद से सीरम लगाया जा सकता है।