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विशुद्ध 24 कैरेट सोने जैसा रंग, हाथ से की जाती है तैयार, कीमत 39001 रुपए

गुवाहाटी चाय नीलाम केंद्र में विश्व के सभी चाय नीलाम केंद्रों में रिकार्ड बनाया

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(राजीव कुमार की रिपोर्ट)

गुवाहाटी। असम की चाय अत्यंत महंगे भाव बिकी है। एक किग्रा चाय की कीमत 39001 रुपए तक जा पहुंची। डिब्रुगढ़ के मनोहरी चाय बागान की चाय की कीमत ने गुवाहाटी चाय नीलाम केंद्र में विश्व के सभी चाय नीलाम केंद्रों में रिकार्ड बनाया। चाय बागान के मालिक राजेन लोहिया के सुझाव पर बागान के प्रबधंक सी के पराशर ने मनोहरी गोल्ड चाय का उत्पादन किया। बागान के मालिक ने आशा जताई कि गोल्डन कलर वाली चाय जल्द ही विश्व बाजार में जगह बना लेगी।

सूर्योदय के समय तोडते हैं पत्तियां


चाय के एक व्यापारी ने गुवाहाटी चाय नीलाम केंद्र में विशेष रुप से तैयार इस चाय को खरीदा। इससे पहले इसी व्यापारी ने डॉनी पोलो चाय बागान द्वारा विशेष रुप से तैयार चाय 18801 रुपए प्रति किग्रा की दर से खरीदी थी। गुवाहाटी की फर्म सौरभ टी ट्रेडर्स ने अपने अहमदाबाद और दिल्ली के ग्राहकों के लिए यह चाय खरीदी। हाथ से तैयार की गई मनोहरी गोल्ड चाय को सूर्योदय के समय चाय पत्तियां तोड़कर तैयार किया जाता है। एक दिन में इसे सिर्फ 50 ग्राम ही तैयार किया जा सकता है।यह दिखने में 24 कैरट सोने की तरह चकमक करती है।

असम के चाय उद्योग का संकट दूर होगा

लोहिया ने कहा कि नीलाम केंद्र में महंगे दामों पर असम की चाय बिकने से असम के चाय उद्योग का संकट दूर होगा। इससे यह बात भी साबित हुई है कि चाय के शौकीन बेहतर चाय के लिए कितनी भी कीमत देने को तैयार हैं। वही सौरभ टी ट्रेडर्स के मालिक एम एल माहेश्वरी ने कहा कि हमारे ग्राहक हर समय बेहतर चाय की मांग करते हैं।वे सोने जैसे रंग की चाय देखकर बेहद खुश होंगे। रिकार्ड दाम पर असम की चाय गुवाहाटी नीलाम केंद्र में बिकने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी मांग बढ़ने की संभावना है।असम देश के कुल चाय उत्पादन के पचास फीसदी हिस्से का उत्पादन करता है।