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(राजीव कुमार की रिपोर्ट)
गुवाहाटी। असम के शिवसागर जिले के दिखौमुख की दिखौ नदी में तीन दिन पहले कार के साथ समा गए पांच सदस्यीय परिवार का अब भी कोई पता नहीं चला है। इसके बाद मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ संपर्क साधा और सोमवार को आंध्र प्रदेश के विजाग से भारतीय नौ सेना का एक विशेष दल अभियान चलाने के लिए दिखौ आया है।
नदी का पानी काफी मटमैला,दृश्यता बेहद कम
मालूम हो कि शनिवार की रात गुवाहाटी निवासी हरेन बोरा, उनकी पत्नी, दो बेटियां और हरेन बोरा की मां कार से दिखौ के किनारे से जा रहे थे। कार खुद बोरा चला रहे थे। अचानक कार नदी में जा समाई। तब से विभिन्न अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन इन्हें बरामद नहीं किया जा सका है। शिवसागर के जिला उपायुक्त पल्लव कुमार झा ने कहा कि नदी का पानी काफी मटमैला है। इसलिए नीचे दृश्यता बेहद कम है। अभियान चलाने में दिक्कत आ रही है। गोताखोरों ने 40 फुट नीचे तक अभियान चलाया है। कुल दस नावों को राहत व बचाव कार्य में अब तक इस्तेमाल किया गया है। साथ ही अंतर्देशीय जल परिवहन की दो नावों को वहां अतिरिक्त रुप से मंगाया गया है।
खोज के विशेष प्रयास
राष्ट्रीय आपदा राहत बल(एनडीआरएफ) के तीन दल,राज्य आपदा राहत बल(एसडीआरएफ) के छह दल,सेना के विशेष बल के 14 सदस्यों का एक दल भी इस कार्य में लगाया गया है। इसे नगालैंड के डिमापुर से बुलाया गया है। 32 गोताखोर अब तक इस कार्य में लगे। वैसे पूरे राहत अभियान में सौ लोग हिस्सा ले रहे हैं। राज्य सरकार और प्रशासन बोरा के परिवार की खोज के लिए अपने स्तर पर जोरदार प्रयास जारी रखे हुए है। सेना ने कहा है कि नदी 70-80 मीटर चौड़ी है और इसमें धार काफी तेज है। बारी बारिश की वजह से पानी पूरी तरह मटमैला हो गया है। इसलिए उद्धार अभियान में मुश्किलें आ रही हैं।
Published on:
03 Sept 2018 08:24 pm
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