
आरटीओ नहीं हटा रहा कब्जा, अटक सकता है 1000 बिस्तर के अस्पताल का निर्माण
ग्वालियर। दस वर्ष से लंबित एक हजार बिस्तर के अस्पताल का काम शुरू हो गया है, लेकिन यह अभी रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। इसकी वजह यह है कि अस्पताल के निर्माण स्थल पॉटरीज के पास की जिस भूमि पर परिवहन विभाग का कब्जा है, वह खाली नहीं हो रहा है। अस्पताल प्रबंधन को अब नई सरकार से उम्मीद है कि वह हस्तक्षेप कर परिवहन विभाग के कब्जे वाली जमीन दिलवाए, जिससे अस्पताल समय-सीमा में बनकर तैयार हो सके।
यह है प्लान: एक हजार बिस्तर के अस्पताल का निर्माण 7.75 हैक्टेयर भूमि पर होगा, इसके लिए 338 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति मिली है। अस्पताल का भवन आधुनिकतम डिजाइन में होगा। अस्पताल में वह सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जो चिकित्सा के लिहाज से आवश्यक हैं।
यह होगा अस्पताल में
गत छह अक्टूबर को अस्पताल निर्माण के लिए अनुबंध हुआ था और 15 दिसंबर को कार्य शुरू हो चुका है। अस्पताल का निर्माण दो चरणों में किया जाएगा। इसमें तीन ब्लॉक होंगे। इसके अलावा एक प्रशासनिक ब्लॉक व 300 बिस्तर की क्षमता वाली धर्मशाला भी बनाई जाएगी। पीएम कक्ष का निर्माण भी होगा। अस्पताल के प्रबंधन के लिए सर्विस ब्लॉक भी बनाया जाएगा। चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ के लिए 100 आवास बनेंगे। अस्पताल का निर्माण पॉटरीज की जमीन पर और आवासीय भवन जेएएच परिसर में बनाए जाएंगे।
सी ब्लॉक में होंगे 568 पलंग
जानकारी के अनुसार प्रथम चरण में ए और सी ब्लॉक में धर्मशाला का निर्माण होगा। सी-ब्लॉक में 568 बैड और ए-ब्लॉक में 260 बैड होंगे। प्रशासनिक भवन में सभी चिकित्सा विभागों के पंजीयन का कार्य होगा, वहीं से मरीज सीधे संबंधित विभाग में जा सकेंगे।
कई बार हुई चर्चा, नतीजा सिफर
पॉटरीज के अंदर तैयार होने वाले अस्पताल का ठेका गुजरात की कंपनी को मिला है। अस्पताल के लिए परिवहन विभाग की जो भूमि मिलनी थी, वह जल्द मिले इसके लिए मेडिकल कॉलेज के डीन, लोक निर्माण विभाग और परिवहन विभाग के अधिकारियों के बीच कई बार बातचीत हुई, लेकिन नतीजा सिफर रहा।
निरीक्षण करने पहुंचे कमिश्नर
पॉटरीज में 100 से अधिक पेड़ संबंधित कंपनी ने काट दिए थे, जिसको लेकर कुछ दिन पूर्व बवाल भी मचा था। इसको देखने संभागीय कमिश्नर बीएम शर्मा पॉटरीज पहुंचे, उन्होंने अस्पताल के लिए चल रहे निर्माण कार्य को देखा और काम की गति धीमी होने पर नाराजगी जाहिर करते हुए काम में तेजी लाने और गुणवत्ता के साथ तय समय-सीमा के भीतर पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे काम कराएं जो आधुनिक अस्पतालों के लिए उदाहरण बनें। उन्होंने कार्य एजेंसी से कहा कि अस्पताल के निर्माण के दौरान यथा संभव ऐसे प्रयास करें जिससे पॉटरीज की जमीन पर खड़े पेड़ बच जाएं।
यह भी हुआ है तय
Published on:
21 Dec 2018 11:00 am
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