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प्रदेश के इस छोटे से जिले से 11 युवा बने सिविल जज, प्राची प्रदेश में तीसरे स्थान पर

देशभर की अदालतों में फैसला सुनाने वाले न्यायाधीश सबसे अधिक इसी जिले में ही निवास करते हैं

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11 youths become civil judges in shivpuri

प्रदेश के इस छोटे से जिले से 11 युवा बने सिविल जज, प्राची प्रदेश में तीसरे स्थान पर

ग्वालियर। सिविल जज परिणाम बुधवार को घोषित हुआ तो हर बार की तरह इस बार भी शिवपुरी के प्रतिभागियों ने अपना नाम दर्ज कराया। प्रदेश की 157 सिविल जज सूची में 11 जज शिवपुरी के हैं। शिवपुरी की प्राची चौधरी ने प्रदेश की टॉप सूची में तीसरा स्थान प्राप्त किया। प्राची ने अन्य युवाओं को यह मैसेज दिया है कि जीवन में कभी हताश मत होना, बल्कि अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सतत प्रयास करते रहना।

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गौरतलब है कि देशभर की अदालतों में फैसला सुनाने वाले न्यायाधीश सबसे अधिक शिवपुरी जिले में ही निवास करते हैं और हर बार जब भी सिविल जज का रिजल्ट घोषित होता है, शिवपुरी के कई युवा उसमें अपना नाम दर्ज कराते हैं। इस बार भी जब परिणाम घोषित हुआ तो शिवपुरी शहर सहित जिले भर के 9 छात्र-छात्राओं ने नाम इसमें दर्ज कराया।

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शिवपुरी निवासी प्राची चौधरी, सीमा धाकड़, हर्षवर्धन धाकड़, तनुश्री शिवहरे, आयुषी (जूही) चौबे, दीपू शाक्य, चाहना त्रिवेदी, जयदीप मौर्य व निशा रघुवंशी, विनय राजपूत, रिचा भट्ट शामिल हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि इनमें जिला मुख्यालय ही नहीं कोलारस व करैरा जैसे अंचल के भी युवाओं ने सिविल जज बनकर अपने क्षेत्र को गौरवान्वित किया है।

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दो बार इंटरव्यू तक पहुंचीं थीं प्राची, जीवन में हताश न होने का मैसेज
प्रदेश में तीसरा स्थान प्राप्त करने वाली प्राची चौधरी ने चर्चा में बताया कि मैंने वर्ष 2015 में लॉ कंपलीट करने के बाद दिल्ली में कोचिंग ज्वाइन की थी। वर्ष 2016 में दिल्ली से वापस शिवपुरी आकर सिविल जज की तैयारी अपने स्तर पर ही शुरू की। प्राची ने बताया मेरा सिलेक्शन तीसरी बार में हुआ है, जबकि इससे पहले दोनों बार मैं इंटरव्यू तक पहुंचीं। पिता प्रमोद चौधरी निजी स्कूल संचालक हैं, जबकि मां पूनम चौधरी हाउस वाइफ हैं। मौसा गणेशप्रसाद वर्मा शिवपुरी में एडवोकेट हैं।

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सिविल जज की तैयारी में मौसा ने जहां विषयवार मदद की। प्राची ने कहा कि पिछले दो बार जब मैं इंटरव्यू तक पहुंचने के बाद भी सिलेक्ट नहीं हो पाई, तो कुछ समय के लिए निराश जरूर हुई, लेकिन मैंने हिम्मत नहीं हारी तथा तीसरी बार इंटरव्यू के लिए मैंने राइटिंग वर्क अधिक किया। उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि वे अपने जीवन में कभी निराश न हों बल्कि अपने लक्ष्य की ओर सतत प्रयासरत रहें, सफलता जरूर मिलेगी।

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