
कंपनियों पर लग रहे ताले
नरेंद्र कुइया, ग्वालियर. कोरोना काल के दो साल बाद सभी तरह के कामकाज को रफ्तार मिल चुकी है। बावजूद इसके प्रदेश की 1296 कंपनियां एक साथ बंद होने वाली हैं। इसकी वजह इन कंपनियों ने साल भर पूर्व कंपनी रजिस्ट्रार के पास पंजीयन कराया लेकिन आज तक काम शुरू नहीं किया। इसके चलते इन कंपनियों को एक साथ बंद करने का नोटिस जारी किया गया है। इन कंपनियों के डायरेक्टर को 30 दिन का समय दिया गया है जिसमें वो फैसले के खिलाफ अपील कर सकते हैं। फैसले के खिलाफ कोई अपील नहीं करने वाले संचालकों की कंपनी बंद करने के साथ ही उनका रजिस्ट्रेशन भी रद्द कर दिया जाएगा। ऐसी सभी कंपनियों की सूची एमसीए के पोर्टल पर अपलोड कर दी गई है।
48 हजार से अधिक रजिस्टर्ड
केंद्रीय कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय एमसीए के पोर्टल के मुताबिक अभी प्रदेश में 48 हजार से अधिक कंपनियां रजिस्टर्ड हैं। इन कंपनियों का कारोबार चल रहा है। इन कंपनियों को सीआइएन नंबर भी प्रदान किए गए हैं।
नहीं लिया व्यापार शुरू करने का प्रमाण.पत्र
आरओसी ने जिन कंपनियों को नोटिस दिए हैं उनमें से अधिकांश कंपनियां आयरन, स्टील, रीयल एस्टेट और नए स्टार्टअप से जुड़ी हैं। इन कंपनियों ने रजिस्ट्रेशन की तारीख से 6 माह में व्यापार शुरू करने का प्रमाण.पत्र नहीं लिया है। 1296 कंपनियों ने अपना कामकाज शुरू ही नहीं किया है।
30 दिन में दर्ज कराएं आपत्ति
मध्यप्रदेश के कंपनी पंजीयक मुकेश कुमार सोनी बताते हैं कि रजिस्ट्रेशन के एक साल बाद भी इन कंपनियों ने काम शुरू नहीं किया। कंपनी एक्ट के तहत 180 दिनों तक कोई भुगतान भी नहीं किया। इस वजह से इन कंपनियों को सूची से हटा रहे हैं। कंपनी के डायरेक्टर 30 दिनों के भीतर अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं, इसके बाद कंपनियों का विघटन हो जाएगा।
Published on:
23 Sept 2022 09:40 am
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