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अवैध परिवहन पर 198 मामले दर्ज ,खनिज विभाग ने वसूला 2.84 करोड़ का जुर्माना

अवैध उत्खनन व भंडारण के मामले भी दर्ज हुए कार्रवाई के मामले में ग्वालियर प्रदेश में अव्वल

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Rajasthan Minor Mineral : राजस्थान अप्रधान खनिज रियायत नियम में होगा बदलाव

Rajasthan Minor Mineral : राजस्थान अप्रधान खनिज रियायत नियम में होगा बदलाव

खनिज विभाग ने चालू वित्तीय वर्ष में जिले में अवैध रूप से खनिज उत्खनन,परिवहन तथा भंडारण पर 2 करोड़ 84 लाख 72 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। इस दौरान 161 वाहनों को अवैध खनिज परिवहन के मामले में जब्त किया गया है। विभाग अवैध खनिज परिवहन के मामले में कार्यवाही करने में प्रदेश में अव्वल चल रहा है। विभाग ने अवैध खनिज उत्खनन के मामले में 9 प्रकरण दर्ज किया है। इनमें से 4 का निपटारा करते हुए 2.7 लाख रुपए का जुर्माना वसूला गया। वहीं खनिज के अवैध परिवहन के मामले में 198 प्रकरण दर्ज किए गए। इनमें से 189 का निपटारा करते हुए 281.27261 लाख रुपए का जुर्माना वसूला गया। जबकि खनिज के अवैध भंडारण पर 2 प्रकरण बनाते हुए 1 का निपटारा कर 75 हजार रुपए का जुर्माना वसूल किया गया है। खनिज विभाग के अन्तर्गत जिले में 186 खाने हैं। इनसे मोरंग, रेत, गिट्टी आदि निकलती है।

रात्रि में होता है अवैध परिवहन

जिले में रात्रि 9 बजे से 4 बजे के दौरान खनिज का अवैध परिवहन होता है। जिले में प्रतिदिन करीब एक हजार अवैध वाहन सरकारी तंत्र से सांठगांठ कर बेखौफ अवैध परिवहन करते हैं। अधिकतर रेत का अवैध खनन व परिवहन तथा पत्थर का अवैध परिहन होता है।

टीम बना कर करते हैं कार्रवाई

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अवैध खनिज खनन तथा परिवहन के मामलों में टीम बनाकर पुलिस की मदद से दबिश दी जाती है। इसमें और सख्ती की जाएगी जिससे अवैध खनन व परिवहन रोका जा सके। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि खनिज के अवैध उत्खनन,अवैध परिवहन तथा अवैध भंडारण के मामले में कार्रवाई करने में ग्वालियर राज्य में अव्वल है।

35 करोड़ का राजस्व मिला,4 महीने में 65 करोड़ वसूली की चुनौती

विभाग को चालू वित्तीय वर्ष के लिए 100 करोड़ का राजस्व हासिल करने का लक्ष्य दिया गया है। इसके विरुद्ध् अब तक 35 करोड़ की राजस्व वसूली ही हो सकी है। विभाग के लिए वित्तीय वर्ष के शेष चार महीनों में 65 करोड़ की राजस्व की वसूली बड़ी चुनौती है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि मार्च तक लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा। वहीं पिछले वित्तीय वर्ष में विभाग को 125 करोड़ का राजस्व लक्ष्य दिया गया था विभाग ने इसके पेटे 105 करोड़ का राजस्व हासिल किया था। विभाग राजस्व लक्ष्य से 20 करोड पीछे रह गया था।