
22 करोड़ का कालीन पार्क, चार साल बाद भी नहीं पहुंच सके शिल्पी
ग्वालियर. मुरैना बायपास ट्रिपल आइटीएम के पास बनाया गया कालीन पार्क अनदेखी के चलते अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। इस कालीन पार्क के संचालन के लिए हस्तशिल्प एवं हथकरघा विकास निगम ने 28 जनवरी 2015 को ग्वालियर हैंड नाटेड कॉरपेट प्रोड्यूसर कंपनी का गठन किया था। कालीन पार्क को करीब तीन बीघा जमीन पर तैयार किया गया है तथा पीडब्ल्यूडी की पीआइयू इकाई के माध्यम से इसके भवन का निर्माण कराया गया है। पूरी तरह से कालीन पार्क के तैयार होने के बावजूद भी अभी तक इसमें शिल्पी नहीं पहुंच सके हैं। हालांकि कालीन पार्क के आला अधिकारियों का कहना है कि यहां लगने वाले 160 लूम में से 20 लूम लगा दिए गए हैं और जल्द ही यहां शिल्पियों को ट्रैनिंग देने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
ऐसा है कालीन पार्क का प्लान
कालीन पार्क का कुल प्रोजेक्ट करीब 22 करोड़ रुपए का है। इससे यहां 500 लूम लगाने की योजना बनाई गई थी। पहले चरण में निगम ने 160 लूम लगाने के लिए टेंडर जारी किया था। निगम की योजना थी कि यहां बड़े स्तर के शिल्पी आकर कालीन का निर्माण कराएं और उनकी बिक्री कालीन पार्क के माध्यम से की जाए। इसके लिए ग्लोबल टेंडर कर एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया अहमदाबाद को डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कराने का काम दिया गया था।
पहले हैंडओवर को लेकर अटका था
कालीन पार्क जनवरी 2018 तक शुरू किया जाना था। एक साल से भवन बनने के बाद भी इसके हैंडओवर की प्रक्रिया काफी समय तक रुकी रही। प्रोजेक्ट की बिल्डिंग के अंतिम भुगतान को लेकर पीडब्ल्यूडी की पीआइयू विंग और हस्तशिल्प विकास निगम आमने-सामने आ गए थे। पीआइयू ने इस बिल्डिंग का निर्माण पूरा कर निगम से एक करोड़ रुपए के फाइनल पेमेंट की मांग की, लेकिन निगम ने विवाद को सुलझाने के लिए इस भुगतान पर रोक लगाकर भवन को अपने पजेशन में लेने से इनकार कर दिया था।
जल्द शुरू होगा काम
160 में से 20 लूम लगाए जा चुके हैं। इसके लिए जल्द ही शिल्पियों की टे्रनिंग शुरू की जाएगी। इसमें जिन शिल्पियों की रूचि है उनके नाम बुलवाए गए हैं। जल्द ही यहां काम भी शुरू कर दिया जाएगा।
सुधीर व्यास, उप संचालक, हथकरघा विभाग एवं सीइओ कालीन पार्क
Published on:
27 Mar 2019 07:20 pm
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