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Gwalior Panchayat Election 2022- 37 मोहल्लों व बस्तियों से बनी 8 नई ग्राम पंचायतों में पहली बार चुने जाएंगे सरपंच और पंच

पंचायत निर्वाचन की प्रक्रिया: एक महीने में पूरा हुआ परिसीमन का काम

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ग्वालियर@धर्मेन्द्र त्रिवेदी

त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन की प्रक्रिया की घोषणा के साथ ही इस बार ग्वालियर जिले में अब 263 ग्राम पंचायतों में सरपंच और पंच चुने जाएंगे। इनमें 8 पंचायत ऐसी हैं, जिनमें पहली बार सरपंच और पंच का चुनाव होगा। ये पंचायतें हाल ही में हुए परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई हैं।

इन पंचायतों में 37 मोहल्ले और बस्तियां शामिल की गई हैं। बीते वर्ष पंचायत चुनाव की घोषणा के बाद 6 जनवरी को मतदान की तिथि घोषित की गई थी। हालांकि, बाद में ओबीसी आरक्षण को लेकर न्यायालय के आदेश के बाद चुनाव पर रोक लगा दी गई थी। चुनाव स्थगित होने के बाद नए सिरे से परिसीमन करने का आदेश दिया गया था।

इस परिसीमन की प्रक्रिया को एक महीने में पूरा किया गया था। इसके बाद जिले की 255 पंचायतों में 8 पंचायतों को और शामिल किया गया, जिससे अब जिले में कुल 263 पंचायतें हो गई हैं।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2012 के पहले तक जिले में पंचायतों की संख्या 299 थी। इनमें से 32 पंचायतें नगर निगम ग्वालियर में और 12 पंचायतें नगर पालिका डबरा में शामिल कर ली गई थीं, इसके बाद जिले की पंचायतों की संख्या 255 रह गई थी। अब इसमें 8 की बढ़ोतरी फिर से हो गई है। इन नई पंचायतों में पहली बार सरपंच और पंच के लिए चुने जाएंगे।

यह है नई स्थिति
परिसीमन के पहले तक जहां पंचायतों की संख्या 255 थी, वहीं अब यह 263 हो गई।
: 8 पंचायतों की संख्या बढ़ी है।

: पूर्व में पंच के 4281 वार्ड थे, अब 4318 वार्ड हो गए हैं।

: पंच के 37 वार्ड बढ़ गए हैं।

: घाटीगांव जनपद में खेरिया कुलैथ, भयपुरा और दुगुनावली नई पंचायत बनी हैं, यहां पहली बार सरपंच और पंच का चुनाव होगा।

- मुरार जनपद में धनेली, गूंजना, रसीदपुर, काशीपुर, सुमेरपाड़ा-खेरिया शर नई पंचायत बनी हैं, यहां भी पहली बार सरपंच और पंच का चुनाव होगा।

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में 263 सरपंच, 4318 पंच, 100 जनपद सदस्य और जिला पंचायत के 13 सदस्यों का चुनाव करने के लिए मतदान की तिथि शुक्रवार को घोषित कर दी गई है, जिसके तहत 30 मई से ही नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी, वहीं 25 जून से मतदान का प्रथम चरण शुरू होगा, 14 जुलाई को परिणाम घोषित हो जाएंगे, वहीं इसे लेकर आचार संहिता लागू हो गई है।

तीन चरण में होंगे मतदान
मध्यप्रदेश में तीन चरण में पंचायत चुनाव होंगे, जिसके तहत 10 जून को चुनाव चिन्हों का आंवटन किया जाएगा, वहीं नाम वापसी की तारीख भी 10 जून ही ही रहेगी। उम्मीद्वार 30 मई से ही नामांकन फार्म भर सकेंगे, जिसकी अंतिम तिथि 6 जून रहेगी। इसके बाद प्रथम चरण के मतदान 25 जून को शुरू होंगे, 1 जुलाई को दूसरा चरण और 8 जुलाई को तीसरा चरण का मतदान होगा, पंचायत चुनाव के परिणामों की घोषण 14 जुलाई को हो जाएगी।

मतपत्रों के जरिये मतदाता चुनेंगे अपने प्रतिनिधि
चुनाव में मतदाता मतपत्रों के जरिये अपने प्रतिनिधि चुनेंगे। राज्य निर्वाचन आयोग ने पंच के लिए सफेद, सरपंच के लिए नीला, जनपद सदस्य के लिए पीला और जिला पंचायत सदस्य के चुनाव को गुलाबी मतपत्र निर्धारित किया है। इसके साथ ही मतदान कराने वाले पीठासीन अधिकारियों के लिए 135 प्रकार की सामग्री तैयार कराई जाएगी।

मतपत्र छापने का काम कोषालय के माध्यम से कराया जाएगा। जबकि सामान्य सामग्री स्थानीय निर्वाचन विभाग तैयार कराएगा। निर्वाचन विभाग के अधिकारियों के अनुसार कुल मतदाता संख्या से दस फीसदी अधिक मतपत्र छपवाए जाने की संभावना है।

ये बोले निर्वाचन आयुक्त
निर्वाचन आयुक्त बसंत प्रताप सिंह ने ग्राम पंचायतों के चुनाव के लिए आचार संहिता की घोषणा करते हुए चुनाव कार्यक्रम जारी कर दिया है। वैसे तो पंचायत चुनाव जून में ही पूरे किए जाने थे, लेकिन जिस प्रकार से तारीखें घोषित हुई है, उसके हिसाब से चुनाव 14 जुलाई तक पूरे होंगे।

एक नजर में ऐसे जानें पंचायत चुनाव का कार्यक्रम-
: चुनाव आयुक्त ने कहा 30 मई से नामांकन जमा कर सकते हैं।
: 30 मई से नामांकन जमा होंगे।
: 06 जून नामांकन की अंतिम तिथि।
: 10 जून को नाम वापसी।
: 10 जून को चुनाव चिन्हों का आवंटन
: 25 जून को प्रथम चरण का मतदान।
: 1 जुलाई को दूसरे चरण का मतदान।
: 8 जुलाई को होगा तीसरे चरण का मतदान।
: 14 जुलाई को घोषित होगा रिजल्ट।