
एक बकरे ने ली 4 लोगों की जान, खबर पढ़ कर चौंक जाएंगे आप, देखें वीडियो
शिवपुरी/अमोला।अमोला थानांतर्गत ग्राम नया अमोला के पास सोमवार की दोपहर एक ट्रक की टक्कर से आदिवासियों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गए। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई जबकि लगभग आधा सैंकड़ा लोग घायल हो गए। आदिवासी ग्राम मामौनी स्थित आदिवासियों के कथित नाराज देवता को मनाने बकरे की बली देने जा रहे थे। पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार ग्राम सिल्लापुर निवासी राजेश पुत्र स्व. अहीलाल आदिवासी की चार साल पहले शादी हुई थी। राजेश के रिश्तेदार राकेश आदिवासी के अनुसार शादी के बाद राजेश के परिवार को ग्राम मामौनी स्थित आदिवासियों के देवता (घटोइया) के पूजन और बकरे की बलि देने जाना था, परंतु वह किसी कारण वहां नहीं जा सके। इस कारण देवता नाराज हो गए तो वह परिवार को परेशान करने लगे, इसी के चलते आज राजेश गांव के रिश्तेदारों को एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर ग्राम मामौनी स्थित देवता पर बकरे की बली देने जा रहा था, ताकि देवता की नाराजगी खत्म हो जाए। जब ट्रैक्टर-ट्रॉली नया अमोला के पास पहुंची तभी एक ट्रक ने ट्रैक्टर ट्रॉली को टक्कर मार दी। हादसे में ट्रॉली में सवार बारेलाल आदिवासी व पिस्ता बाई आदिवासी मौत हो गई, जबकि भज्जू आदिवासी की इलाज के लिए जिला अस्पताल लाते समय मौत हो गई।
घायलों को इलाज के लिए करैरा अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर रूप से घायल रामगोपाल आदिवासी, श्रीपत आदिवासी, धनीराम आदिवासी, करण सिंह आदिवासी, भगवान सिंह आदिवासी, मुकेश आदिवासी, प्रमोद आदिवासी, गिरजा बाई आदिवासी, विनोद आदिवासी, अशोक आदिवासी, सोमा आदिवासी, पूरन आदिवासी को इलाज के लिए जिला अस्पताल रैफर किया गया। पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है।
पहले फोन करवाओ तब चलूंगा
घटना के बाद जब मौके पर मौजूद सरपंच अतर सिंह लोधी ने 108 को कॉल लगाया तो फोन व्यस्त जा रहा था। अतर सिंह के अनुसार वह सिरसौद चौराहे पर गया जहां 108 एम्बूलेंस खड़ी थी, जब उन्होंने एम्बूलेंस के स्टाफ को एक्सीडेंट की जानकारी देते हुए घायलों को अस्पताल ले जाने की बात कही तो 108 एम्बूलेंस ने घायलों को ले जाने से यह कहते हुए मना कर दिया कि पहले उसे फोन करवाओ वह तब चलेगा। इसके बाद लोगों के दबाब के चलते काफी बहस के बाद 108 एम्बूलेंस मौके पर पहुंची।
जाम लगा तब पहुंची पुलिस
घटना स्थल पर आक्रोशित भीड़ का कहना था कि घटना के बाद पुलिस को मामले की जानकारी तत्काल दे दी गई। इसके बाबजूद पुलिस मौके पर नहीं पहुंची, इसी के चलते आक्रोशित भीड़ ने फोरलेन हाईवे पर जाम लगा दिया। हाईवे पर जाम लगते ही करीब आधा घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजने संबंधी कार्रवाई की।
मदद की बजाय वीडियोग्राफी में लगे तमाशबीन
इस दर्दनाक घटना का एक और चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि जब आदिवासियों से भरी ट्रॉली पलट गई और घायल उसमें फंस कर रह गए तब मौके पर पहुंचे कुछ ग्रामीण घायलों को ट्रॉली से निकालने की जद्दोजहद में लगे हुए थे। ग्रामीणों के अनुसार इस दौरान कुछ तमाशबीन घटना स्थल की वीडियो और फोटोग्राफी में जुट गए। जब उनसे घायलों को ट्रॉली से बाहर निकलवाने के लिए मदद मांगी तो वह मदद करने की बजाय वहां से तितर बितर होते नजर आए। इस घटनाक्रम ने आज मानवता को एक बार फिर शर्मशार कर दिया।
Updated on:
16 Jul 2018 05:38 pm
Published on:
16 Jul 2018 04:43 pm
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