12 दिन तक चला इलाज....
ग्वालियर। नहाने के लिए गर्म किए पानी से भरी बाल्टी में पांच साल का नादान गिरकर झुलस गया। 12 दिन तक जिंदगी और मौत से जूझा। रविवार को उसकी मौत हो गई। हादसा जनकगंज में हुआ। चिकित्सकों का कहना है बच्चा 50 प्रतिशत झुलस गया था। उसकी हालत गंभीर थी। अब पुलिस घटनाक्रम की जांच कर रही है। पुलिस ने बताया डबरा के रहने वाले रवि शाक्य पेशे से मजदूर हैं।
रोजगार की तलाश में रवि पत्नी लवली, बेटे नक्श 5 और तीन साल की बेटी के साथ ग्वालियर आ गए। माधवनगर गेट नंबर दो के पास किराए के मकान में परिवार के साथ रहते हैं। 13 दिसंबर की सुबह रवि और उनकी पत्नी घर के काम काज में जुटे थे। बेटे नक्श को नहाना था इसलिए बाल्टी में रॉड (गर्म पानी की छड़) डालकर उसके पानी गर्म करने के लिए लगाई। जब पानी तेज गर्म हो गया तो रॉड हटा दी। रवि ने बाल्टी उठाकर आंगन में रख दी। नक्श उस वक्त मंजन कर रहा था। इसलिए किसी ने ध्यान नहीं दिया।
बाल्टी पर गिरा, पूरा शरीर झुलसा
लालजी शाक्य ने बताया, भतीजा नक्श मंजन करते हुए बाल्टी के पास पहुंच गया। पता नहीं कैसे फिसला और एक पैर गर्म पानी से भरी बाल्टी में चला गया। इससे बाल्टी लुढ़क गई। उसमें भरा गर्म पानी उसके ऊपर आ गया। हादसे में उसका पूरा शरीर झुलस गया। दर्द से नक्श चीखा तो माता पिता को घटना पता चली। उसे उठाकर परिजन अस्पताल ले आए। चिकित्सकों ने बताया नक्श करीब 50 प्रतिशत झुलस गया है।
12 दिन बाद मौत
नक्श 12 दिन तक भर्ती रहा। सोमवार उसकी हालत बिगड़ी और उसने दम तोड़ दिया। जनकगंज टीआइ आलोक परिहार ने बताया बच्चे की मौत की जानकारी अस्पताल से मिली। नादान के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिवार को सौंप दिया है। अब घटनाक्रम की जांच की जा रही है।