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जीवाजी बंद करने जा रहा है 50 कोर्स, इन कॉलेजों में नहीं होंगे एडमिशन

जीवाजी बंद करने जा रहा है 50 कोर्स, इन कॉलेजों में नहीं होंगे एडमिशन  

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52 courses end by jiwaji university in 30 collages

जीवाजी बंद करने जा रहा है 50 कोर्स, इन कॉलेजों में नहीं होंगे एडमिशन

ग्वालियर. जीवाजी विश्वविद्यालय से स्नातक और स्नातकोत्तर के 52 कोर्स बंद हो सकते हैं। बुधवार को कुलपति की अध्यक्षता में हुई स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में कोर्स बंद करने के लिए आवेदन आये हैं। कॉलेजों द्वारा दिये गए आवेदनों पर सुनवाई के बाद कोर्स बंद किये जाने के लिए सैद्धांतिक सहमति बन गयी है। अब इस निर्णय पर 7 फरवरी को होने वाली कार्यपरिषद की बैठक में अंतिम मुहर लग सकती है।

दरअसल, विश्वविद्यालय के अलग अलग मुद्दों को लेकर स्थायी समिति की बैठक हुई थी। बैठक में कुलपति सहित अन्य सदस्यों के समक्ष कोर्स वृद्धि और कोर्स बंद किये जाने के आवदेन रखे गए थे। इन सभी पर चर्चा के बाद सदस्यों की सहमति बनी है। इस दौरान सत्र 2019-20 के दौरान 30 कॉलेज संचालकों द्वारा 52 कोर्स न चलाने को लेकर दिए आवेदन पर सबसे लंबी चर्चा चली। बैठक में डीसीडीसी प्रो. डीडी अग्रवाल ने अध्यक्ष सहित सदस्यों को बताया कि 30 कॉलेज यूजी-पीजी के बीए, एमए, बीबीए, बीसीए, बीएससी, बीएचएससी, एमएससी, पीजीडीसीए कोर्स नहीं चलाना चाहते हैं। समिति ने इन पाठ्यक्रमों को सहमति के साथ बंद करने का फैसला लिया।

यह कॉलेज होगा बंद
प्रो. अग्रवाल ने बताया कि डबरा के संत कंवरराम कन्या महाविद्यालय ने कॉलेज बंद करने के लिए आवेदन किया है। इस कॉलेज को शासन से बीए, बीएससी कोर्स चलाने के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं मिला है।

मार्कशीट को लेकर हुआ छात्र और अधिकारियों में विवाद
निजी कॉलेज में बीएससी के छात्र की मार्कशीट न बन पाने के कारण दोपहर के समय जेयू कार्यालय में विवाद की स्थिति बन गई। बुधवार को वीआइपीएस कॉलेज में बीएससी का छात्र विकास शर्मा अंकसूची बनवाने के लिए गोपनीय विभाग में सीट इंचार्ज चरणदास खोईया के पास पहुंचा था। छात्र ने इंचार्ज को बताया कि अंकसूची के लिए 31 दिसंबर 18 को टोकन लिया था लेकिन अभी तक नहीं मिली। इस पर सीट इंचार्ज बताया कि ने वर्ष 2018 की मार्कशीट अभी तक बनकर नहीं आई हैं। इसके बाद सीट इंचार्ज और छात्र में मुंहवाद शुरू हो गया। छात्र ने एनएसयूआइ प्रदेश महासचिव सचिन द्विवेदी को बुला लिया और कर्मचारी पर मार्कशीट के बदले पैसे की मांग किये जाने का आरोप लगा दिया तो नौबत हाथापाई तक आ गई।

विवाद की खबर मिलने पर कुलसचिव अभयकांत मिश्रा पहुंच गए उन्होंने छात्र से कहा शिकायत लिखकर दें। सीट इंचार्ज खोइया को लेकर पूर्व में आईं शिकायतों को लेकर भी बताकर हटाने की मांग कर दी। सहायक कुलसचिव ने पहुंचकर छात्र नेता और एनएसयूआई प्रदेश महासचिव सचिन द्विवेदी से बात की तो नेता ने आरोप कर्मचारी पर 2 हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया। उन्होंने छात्र से कहा कि वह लिखकर दे। सीट इंचार्ज खोइया को लेकर पूर्व में आईं शिकायतों को लेकर भी बताकर हटाने की मांग कर दी। बाद में अन्य कर्मी और अधिकारी छात्रों को बाहर ले गए और मामला शांत कराया।