
pure milk
MP News: ग्वालियर हाईकोर्ट ने उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें धोखाधड़ी की एफआईआर को चुनौती दी थी। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता के यहां से जो दूध का नमूना लिया था, वह मिलावटी था। परिसर से सफेद पाउडर जब्त किया गया, जिसमें माल्टो डेक्सट्रिन पाया गया। इसका उपयोग दूध में मिलाने के लिए किया जाता था। शुद्ध दूध के नाम पर मिलावटी दूध बेच रहा था। मिलावटी दूध शुद्ध बताकर बेचा जाता है तो वह धोखाधड़ी की श्रेणी में आती है।
नीलकमल शर्मा पर भिंड के ऊमरी थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज है। 19 अप्रेल 2022 को नीलकमल डेयरी पर छापा मारा गया। इनके यहां से 72 किलो सफेद पाउडर मिला और नीले ड्रम में 32 लीटर घोल मिला था। दूसरे कमरे में 41 किलोग्राम घी, 15 किलो वनस्पति घी, बाहर खड़े टैंक में 3200 लीटर मिलावटी दूध जब्त किया गया था। दो ड्रमों 300 लीटर दूध भरा रखा हुआ था। इसके बाद ऊमरी थाने में एफआईआर दर्ज की गई।
कोर्ट की ओर से तर्क दिया कि खाद्य सुरक्षा कानून के प्रावधानों के अनुसार आईपीसी की धारा 420, 272, 273 के तहत केस दर्ज नहीं किया जा सकता है। कानून में जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इसलिए गलत एफआईआर दर्ज की गई है। शासन की ओर से याचिका विरोध किया गया। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मामले में हस्तक्षेप से मना कर दिया।
Published on:
16 Apr 2025 12:17 pm
बड़ी खबरें
View Allग्वालियर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
