
अचलेश्वर महादेव मंदिर से गायब हुई यह चीज,शहर में खलबली
ग्वालियर। श्री अचलेश्वर महादेव मंदिर के सोने चांदी के आभूषणों का रजिस्टर पिछले दिनों से गायब है। इसके अलावा मंदिर पर होने वाले चढ़ावे की गिनती भी नहीं की जा रही है। साडिय़ों के बिल को दो-दो बार पास किया जा रहा है। ऐसी अनियमितताओं को लेकर मंदिर की व्यवस्थापक सचिव सृष्टि शिवहरे ने मंगलवार की शाम न्यास के पदाधिकारियों की बैठक का आव्हान किया। इस बैठक को न्यास के न्यासी, अध्यक्ष, सचिव सहित अन्य पदाधिकारी बैठक में नहीं पहुंचे। दरअसल ये बैठक व्यवस्थापक सचिव ने मंदिर निर्माण में हो रही देरी को लेकर बुलाई थी।
इसके बाद शाम तक राजस्थान के कारीगर आ गए। इसके बाद बैठक में मंदिर निर्माण में होने वाली लेटलतीफी को लेकर पिछले चार महीने से न्यास की बैठक न होने, मंदिर का सोने चांदी का रजिस्टर गायब होने, सार्वजनिक हिसाब न करने जैसे मुद्दों पर चर्चा करना चाहती थी। ये बैठक रात्रि साढ़े बजे से होनी थी। बैठक में व्यवस्थापक सचिव के अलावा प्रचार सचिव वैभव सिंघल, प्रदीप बंसल और विक्की शर्मा मौजूद रहे। न्यास के पदाधिकारी न आने से व्यवस्थापक सचिव द्वारा उठाए जाने वाले प्रश्नों का समाधान नहीं हो सका है।
व्यवस्थापक सचिव ने आरोप लगाते हुए पत्रिका को बताया कि सोने चांदी के आभूषण रजिस्टर गायब होने पर पूर्व में हुई बैठक में ये निर्णय पारित हुआ था कि पांच सदस्यों के सामने जेबरात की तौल होकर नया रजिस्टर तैयार होगा। इसके बाद जब पांच सदस्य पहुंचे तो चाबी गायब होने की बात कहकर तौल को टाल दिया गया। इसके बाद चोरी छिपे तौल कराकर रजिस्टर तैयार किया गया। इसके अलाव मंदिर मेंं साडिय़ों का डबल बिल पास किया गया। सृष्टि का कहना हे कि इस बात की शिकायत पूर्व मे ंकलेक्टे्रट में भी की जा चुकी है।
"मंदिर न्यास की मर्यादा होती है। न्यासी, अध्यक्ष और सचिव भी बैठक बुला सकता है। ये अखबार में छपने के लिए सब कुछ कर रही है। कोई रजिस्टर गायब नहीं हुआ। कोई डबल बिल पास नहीं किया गया। सारे आरोप निराधार हैं।"
हरिदास अग्रवाल,अध्यक्ष,श्री अचलेश्वर महादेव सार्वजनिक न्यास
Published on:
01 May 2019 02:09 pm
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