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किसानों को जागरूक करने खरीदे 50 लाख के कृषि यंत्र हो गए कबाड़े में तब्दील

किसानों को आधुनिक खेती के लिए जागरूक करने के लिए उद्देश्य से शासन द्वारा कृषि विभाग को उपलब्ध कराए गए 50 लाख रुपए से अधिक कीमत के एक दर्जन से ज्यादा कृषि यंत्र...

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gwalior krishi vibhag

किसानों को जागरूक करने खरीदे 50 लाख के कृषि यंत्र हो गए कबाड़े में तब्दील

ग्वालियर. किसानों को आधुनिक खेती के लिए जागरूक करने के लिए उद्देश्य से शासन द्वारा कृषि विभाग को उपलब्ध कराए गए 50 लाख रुपए से अधिक कीमत के एक दर्जन से ज्यादा कृषि यंत्र संभागीय कृषि कार्यालय में जंग खा रहे हैं। इन यंत्रों के जरिए किसानों को प्रशिक्षण दिया जाना था, जिससे वह इनका उपयोग कर खेती में अधिक लाभ कमा सकें। लेकिन अधिकारियों की अनदेखी के कारण यह यंत्र कबाड़ में तब्दील हो गए हैं। कृषि कार्य को सहज और कम समय में करने के उद्देश्य से तैयार किए गए आधुनिक कृषि यंत्र उन किसानों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं, जो इनका उपयोग कर रहे हैं। लेकिन संभाग में किसानों का बड़ा तबका आधुनिक कृषि यंत्रों की उपयोगिता से अनजान है। वजह ये है कि उन्हें उपरोक्त कृषि यंत्रों का डेमो तक देखने को नहीं मिल पा रहा है।

ये आधुनिक यंत्र हो रहे कबाड़
कार्यालय परिसर में रखे आधुनिक थ्रेसर, फसल कटर, पॉवर ट्रिलर, रीपर, बोवनी मशीन, रोटा बेटर जुताई मशीन, बड़े आकार के बीज की बोवनी मशीन, धान रोपने की मशीन के अलावा आधा दर्जन अन्य कृषि यंत्र जंग खा रहे हैं।


केवल ग्वालियर व्यापार मेले में लगाई गई प्रदर्शनी
बीते एक वर्ष में कृषि विभाग की ओर से किसानों को कृषि यंत्रों के उपयोग और उसके फायदे की जानकारी देने के लिए प्रशिक्षण नहीं दिया गया है। इस बीच केवल ग्वालियर के व्यापार मेले में कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी लगाई गई थी। वहां जितने भी किसान पहुंच पाए बस वही देख पाए हैं। कृषि यंत्रों के कबाड़ में तब्दील होने के कारण किसानों को इस संबंध में जागरूक करने के लिए जिलेवार कार्यक्रम आयोजित नहीं हो पा रहे हैं।


पहले से है
यह स्थिति आज की नहीं बल्कि बहुत पहले से है। अब कबाड़ हो चुके कृषि यंत्र तथा वाहन नीलाम किए जाएंगे।
जीसी मर्सकोले, संभागीय कृषि यंत्री ग्वालियर