
पाकिस्तान में फातिमा बनी बौना की अंजू , गांव मेंं धर्मनातंरण की जड़ें
ग्वालियर. भिवाड़ी (राजस्थान) से पाकिस्तान गई अंजू रफाइल पाकिस्तानी प्रेमी नसीरूल्ला से निकाह कर फातिमा बेगम बन गई है। 32 साल की उम्र में अंजू ने तीसरी बार धर्म बदला है। सबसे उसके पिता गयाप्रसाद बरार ने बौना बौना गांव (आंतरी, ग्वालियर) में इसाइ धर्म अपनाया था। पिता के साथ पूरा परिवार इसाइ हो गया। पूरे घटनाक्रम में धर्मांतरण का खेल भी उभरा है। खुफिया एजेंसियों का अंजू के पाकिस्तानी कनेक्शन के साथ धर्मांतरण पर भी फोकस है।
गांव में धर्मांतरण जडें
गयाप्रसाद बेटी के पाकिस्तान जाने को उसका सनकीपन बता रहे हैं। उनकी दलील है अंजू परिवार के लिए मर चुकी है। लेकिन जांच एजेंसियों ने गयाप्रसाद और उसके परिवार को क्लीन चिट नहीं दी है। उसका फोकस अंजू के बौना गांव से कनेक्शन के साथ इस गांव में धर्मांतरण का खेल चलाने वालों पर भी है। क्योंकि बौना गांव के लोगों से पता चला है गयाप्रसाद खुद को इसाइ बने हैं उन्होंने दूसरों को भी धर्मपरिर्वतन के लिए प्रेरित किया है। एजेंसियां इसकी पुष्टि कर रही हैं।
पुलिस की नजर से बाहर
बौना गांव टेकनपुर में बार्डर सिक्योरिटी फोर्स की अकादमी से बिल्कुल सटा है। अभी तक गांव अनजान था। लेकिन अंजू के पाकिस्तान जाने के बाद गांव का नाम उछला है तो चौंकाने वाली बातें भी सामने आ रही हैं। इस गांव में आसाम, बंगाल, उड़ीसा, गुजरात, हरियाणा सहित देश के लगभग सभी कोने के लोग बसे हैं। लेकिन इन पर पुलिस ने कभी गौर तक नहीं किया। आंतरी थाना मानता है यह सभी बीएसएफ से जुडे हैं। रिटायर होने के बाद बार्डर सिक्योरिटी फोर्स के कर्मचारियों ने बौना में रहना पंसद किया है। इसलिए वहां जांच की जरूरत तक नहीं समझी है।
पीएम भी कर चुके अकादमी का दौरा
बीएसएफ की टेकनपुर अकादमी देश की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी इस अकादमी का दौरा कर सुरक्षा बल की अहम इकाइ का जायजा ले चुके हैं।
अब पुलिस ने की जांच की बात
अंजू के माता पिता के गुजर बसर के जरिए की जानकारी जुटाई जाएगी। परिवार मिहोना का रहने वाला बताता है। करीब 40 साल पहले यहां आया था। फिर धर्म परिर्वतन किया है।
दीपक सिंह भदौरिया आतंरी थाना प्रभारी
Published on:
27 Jul 2023 03:06 pm
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