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अवैध खरीद रुकी तो दोगुनी हो गई कृषि उपज मंडी की वार्षिक आय

कुछ सालों से आर्थिक तंगी से गुजर रही कृषि उपज मंडियों के दिन अब फिरने लगे हैं। व्यापारियों द्वारा अपनी दुकानों और गोदामों पर अवैध तरीके से की जाने वाली अनाज की खरीद...

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अवैध खरीद रुकी तो दोगुनी हो गई कृषि उपज मंडी की वार्षिक आय

ग्वालियर. कुछ सालों से आर्थिक तंगी से गुजर रही कृषि उपज मंडियों के दिन अब फिरने लगे हैं। व्यापारियों द्वारा अपनी दुकानों और गोदामों पर अवैध तरीके से की जाने वाली अनाज की खरीद पर अंकुश लगने से मंडी में आवक बढ़ी है, इससे मंडी की आय भी बढ़ी है।
ग्वालियर में नारायण विहार कॉलोनी के निकट संचालित कृषि मंडी में इस वर्ष नवंबर तक मंडी शुल्क के रूप में करीब चार करोड़ रुपए आय हुई है, जबकि वर्ष-2020 में दो करोड़ रुपए ही मंडी शुल्क जमा हुआ था।
वर्ष-2018 एवं 2019 में कृषि उपज मंडियों में आवक घटने से मंडी शुल्क भी अपेक्षित रूप से नहीं मिल पा रहा था। गल्ला व्यापारी क्षेत्र के किसानों से सीधे तौर पर गल्ला खरीद रहे थे। सरसों, धान, गेहूं, बाजरा, चना आदि अनाज की तुलाई मंडी में नहीं होने के कारण व्यापारी मंडी कर में आसानी से चपत लगा रहे थे। इससे मंडी की आय कम हो गई। वर्ष- 2018 में करीब एक करोड़ रुपए मंडी शुल्क जमा हो पाया था, जबकि वर्ष-2019 में आय इससे भी नीचे उतरकर 90 लाख के करीब ही सिमट गई।

मंडी कर चोरी और अवैध खरीद पर लगाया अंकुश
कृषि उपज मंडी प्रशासन के मुताबिक मंडी शुल्क की चोरी रोकने के लिए अभियान चलाकर गल्ला व्यापारियों को मंडी में ही अनाज की बोली लगाकर खरीदी करने के लिए प्रेरित किया गया। चेतावनी भी दी गई कि उन्होंने बिना मंडी कर चुकाए अपनी दुकान या गोदाम पर गल्ला खरीदा तो उनके खिलाफ मंडी एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा कृषि उपज मंडी के अधिकारी एवं कर्मचारी सघन चैङ्क्षकग कर स्थिति का जायजा लेते रहे। इससे 90 फीसदी गल्ला व्यापारी अब मंडी में पहुंचकर विधिवत रूप से बोली लगाकर गल्ला क्रय कर रहे हैं। इससे पूरा शुल्क शासन को प्राप्त हो रहा है।

ऐसे बदले मंडी के आर्थिक हालात
01 अप्रैल 2020 से 31 मार्च 2021 तक कृषि उपज मंडी, लश्कर ग्वालियर में 44,661.74 टन अनाज की आवक दर्ज की गई। तदुपरांत मंडी शुल्क के रूप में एक करोड़ 92 लाख 359 रुपए का राजस्व मिला। निराश्रित शुल्क में 28 लाख 08 हजार 299 रुपए की आय दर्ज की गई। वर्ष-2021 के वित्तीय वर्ष में अनाज की आवक बढ़कर 48,236.59 टन हुई, जिसके एवज में तीन करोड़, 55 लाख 11 हजार 62 रुपए मंडी शुल्क प्राप्त हुआ। निराश्रित शुल्क के रूप में 44 लाख 76 हजार 869 रुपए का राजस्व मिला। कुल मिलाकर तीन करोड़ 99 लाख 87 हजार 932 रुपए की आय मंडी को हुई। जबकि 01 अप्रैल-2022 से 30 नवंबर-2022 तक मंडी में 58991.38 टन गल्ले की आवक दर्ज की गई है। इससे मंडी को तीन करोड़ 36 लाख 39 हजार 821 रुपए तथा निराश्रित शुल्क के रूप में 43 लाख 77 हजार 742 रुपए की आय हुई। कुल मिलाकर 11 महीने में तीन करोड़ 80 लाख 17 हजार 563 की आर्य अर्जित की गई है।

अवैध खरीद रोकने चलाते हैं अभियान
मंडी की आय बढ़ाने के लिए सतत प्रयास किए जा रहे हैं। अवैध तरीके से व्यापारी खरीद न कर पाएं, इसके लिए समय-समय पर अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है। दो साल में मंडी की आय अपेक्षाकृत बढ़ी है।
गजेंद्र ङ्क्षसह तोमर, सचिव कृषि उपज मंडी, ग्वालियर

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