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36 चिटफंड कंपनियों की 5 हजार करोड़ की संपत्ति है कुर्क, निवेशकों को वापस मिलेगा पैसा

- 2011 में संपत्ति की गई थी कुर्क, प्रशासन के आधिपत्य में है

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36 companies

ग्वालियर। शहर सहित जिले में 36 चिटफंड कंपनियों की 5 हजार करोड़ की संपत्तियों को कुर्क कर प्रशासन ने अपने आधिपत्य में लिया था, लेकिन निवेशकों को अब तक उनका रुपया नहीं मिला है। रुपया वापस लेने के लिए आवेदन भी दे चुके हैं। यदि चिटफंड कंपनियों की संपत्तियों को नीलाम कर दिया जाता है तो निवेशकों के रुपए वापस करने के लिए फंड आ जाएगा। इससे उन लोगों का इंतजार खत्म होगा, जिन्हें अपने पैसे वापस मिलने की उम्मीद है।

जिला प्रशासन ने 2011 में चिटफंड कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की थी। इन कंपनियों के पास बैंकिंग का अधिकार नहीं था, लेकिन कंपनियों ने डेयरी, जमीन सहित अन्य कामों के नाम से रुपए जमा कराए और पॉलिसी दी। धन दोगुना करने का लालच दिया था, इस लालच में लोगों ने रुपए जमा किए। जब पॉलिसी का समय पूरा हो गया तो रुपए वापस मांगे, लेकिन रुपए वापस नहीं मिल सके। इस पर निवेशकों ने शिकायत की तो प्रशासन ने कार्रवाई कर एफआइआर दर्ज कराई। निवेशक अपने रुपए के लिए 14 साल से भटक रहे हैं, लेकिन निवेश किए हुए रुपए नहीं मिल पा रहे हैं।

इन कंपनियों की संपत्ति है कुर्क

-लोक विकास फायनेंस कंपनी, समृद्धि जीवन फूड्स इंडिया लि. गरिमा रियल इस्टेट एंड अलाइड, सक्षम डेयर एंड अलाइड, ग्रीन फिंगर्स एग्रो, रॉयल सन मार्केटिंग एंड इंश्योरेंस सर्विसेज, स्काय लार्क लैंड डवलपर्स, आधुनिक हाउसिंग डेवलपर्स, जीवन सुरभि डेयरी, परिवार डेयरी, जेएसवी डेवलपर्स इंडिया, केएमजे डेवलपर्स इंडिया, सन इंडिया रियल स्टेट, मधुर रियल स्टेट, बीपीएन रियल एस्टेट एंड अलाइड, प्रवचन डेयरी, अनमोल सहारा मार्केटिंग, केसीएल प्राइवेट लिमिटेड, जीएन लैंड डवलपर्स, किस फ्यूचर विजन, पीएसीएल इंडिया लि. एमकेडी लैंड डेवलपर्स, कमाल इंडिया, सार्थक इंडिया, आरबीएन लिमिटेड, सांइ प्रसाद फूड्स इंडिया, गालव लीजिंग एंड फायनेंस, जीसीए मार्केटिंग, चंद्रलोक फायनेंस कंपनी, स्टेट सिटीजन सहकारी मर्यादित, मधुर टूरिज्म एंड मर्केंटाइल, मधुर डेयरी एंड एलाइट, रॉयल सन मार्केंटिंग सर्विस की संपत्ति कुर्क है।

बंडल बने रखे आवेदन

- चुनाव से पहले 10 हजार निवेशकों ने अपने रुपए वापस लेने के लिए आवेदन किए थे। ये आवेदन बंडल बांधकर कार्यालय में रख दिए हैं। इन आवेदनों पर शासन स्तर से फैसला लिया जाना है।
- अपने आवेदन पर कार्रवाई के संबंध में जानकारी लेने निवेशक आने लगे हैं। पूछने लगे हैं कि पैसा कब तक मिलेगा।

इनका कहना है

- 36 कंपनियों की पांच हजार करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क है। इस संपत्ति को नीलाम करने की प्रक्रिया की गई थी, लेकिन नीलामी को गति नहीं मिल सकी है। निवेशकों का पैसा मिल सके, उसके लिए न्यायालय को अवगत कराया जाएगा।
गिरीश शर्मा, अतिरिक्त लोक अभियोजक