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अटल बिहारी वाजपेयी इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर की यह है खासियत

बीते दिनों मल्टीआर्ट कॉप्पलेक्स भवन में हुआ पहला कार्यक्रम

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Atal Bihari Vajpayee International convention centre gwalior

अटल बिहारी वाजपेयी इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर की यह है खासियत

ग्वालियर। मध्यप्रदेश शासन की संस्था प्रेाजेक्ट इम्पलीमेंटेशन यूनिट (पीआईयू) द्वारा जीवाजी विश्वविद्यालय में 23 करोड़ की लागत से बनाए गए अटल बिहारी वाजपेयी इंटरनेशनल कन्वेशन सेंटर(मल्टीआर्ट कॉप्पलेक्स भवन) का लोकार्पण 25 सितंबर 2020 को किया गया था। यह मल्टीआर्ट कॉप्पलेक्स भवन का ऑडोटोरियम लगभग एक लाख वर्गफीट में फैला हुआ है। इसमें एक विशाल ऑडोटोरियम एक ओपन थियेटर पांच सेमीनार हॉल एक कॉन्फ्रेंस हॉल व एक आर्ट गैलरी है। इसमें दो हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था है और इसमें पुशबैक सीटें लगाई गई है।

इन सीटों पर बैठने वाला व्यक्ति काफी देर तक आसानी से बैठ सकता है और उसे थकान महसूस नहीं होगी। इसके अलावा ऑडोटोरियम के तापमान को सामान्य से कम रखने के लिए इसकी छत में थर्मल इन्सूलेटेड मटेरियल का उपयोग किया गया है। इसके आधुनिक साउंड सिस्टम लगाया गया है। इसमें साउंड इफेक्ट का कनेक्शन लाइट के साथ रहेगा। यानि जिस तरह से अलग सांउड का उपयोग किया जा सकेगा उसी हिसाब से लाइट को भी एडजेस्ट किया जा सकेगा। अटल बिहारी वाजपेयी इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में 18 एयर कंडीशन लगा गए है।

यह है कन्वेंशन सेंटर की खासियत
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर तैयार किए गए इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर प्रदेश की किसी भी विश्वविद्यालय में सबसे बड़ा है। इस सेंटर का निर्माण 2015 मे शुरू हुआ था और इसके 2017 में पूरा होना था। लेकिन कभी बजट सहित अन्य कारणों के चलते यह तीन साल लेट हो गया।

इसी कारण से इस प्रोजेक्ट की लागत भी करीब 8 करोड़ रुपए तक बढ़ गई है। इतना ही नहीं इस मल्टीआर्ट कॉम्पलेक्स का लोकार्पण राष्ट्रपति के हाथों कराने के लिए बीते वर्ष दिसंबर में जेयू प्रबंधन ने योजना बनाई थी। इसके लिए जेयू ने राष्ट्रपति भवन को आमंत्रण भी भेजा था जिसेे स्वीकार भी कर लिया गया था। इसके बाद जीवाजी विश्वविद्यालय प्रबंधन ने लोकार्पण की तैयारी भी शुरू कर दी थी लेकिन अंतिम समय राष्ट्रपति का यहां आना निरस्त हो गया। जिससे उस समय इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर का लोकार्पण टल गया।