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अटलजी ग्वालियर के बारे में ऐसा सोचते थे, आप भी जानें

भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस पर शहरवासियों ने शेयर की यादें, अटलजी के दिल में बसता था ग्वालियर, चिट्ठी लिखकर पूछते रहते थे हालचाल

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ग्वालियर. ग्वालियर में पले बढ़े भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को पूरा देश प्यार करता है। उनके बेबाक अंदाज को सभी याद करते हैं। वह एक अच्छे साहित्यकार, पत्रकार, दूरदर्शी, अच्छे राजनीतिज्ञ रहे। जिनका नाम हमेशा सम्मान से लिया जाता है। शहर के लोगों की उनसे जुड़ी बहुत सी यादें हैं, जो उन्होंने उनकी जन्म दिवस पर पत्रिका से शेयर की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री बनने के बाद भी उनके पास शहरवासियों के लिए समय था। वह पत्र और टेलीफोन के माध्यम से हालचाल जानते रहते थे।

मेरी शादी में नहीं आ सके तो भेजे आशीष वचन

अटल जी मेरे पड़ोस में रहते थे। साहित्य में रूचि होने के कारण उनके और मेरे विचार बहुत मिलते थे। वह जब भी मेरे घर के बाहर से निकलते मैं उन्हें चाय पर बुला लेता और फिर हमारी कविताओं पर बात होती। उनमें छोटे से ही एक ओजस्वी नेता की झलक नजर आती थी। हालांकि मैं उनसे 8 साल छोटा था, लेकिन वे मुझे दोस्त की तरह ही मानते थे। मेरी शादी में वह नहीं आ सके, लेकिन उनके आशीष वचन का पत्र मेरे पास आया, जो अटल म्यूजियम में लगा हुआ है। मैंने अटलजी पर कई विशेषांक और कविताएं लिखीं, जो समय-समय पर पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं।

म्यूजियम की पांच गैलरी में दिखता है अटलजी का पूरा जीवन

प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की याद में अटल म्यूजियम बनाया गया है। इसमें सन् 1924 से लेकर 2018 तक के उनके जीवन को दिखाया गया है। म्यूजियम में पांच गैलरी बनाई गई हैं। पहली गैलरी में उनकी पोशाक, दूसरे में पारिवारिक जीवन, तीसरे में साहित्य, चौथे में किताबें और पांचवे में उनके राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान को दिखाया गया है। यह गैलरी स्मार्ट सिटी की ओर से लगभग ढाई करोड़ में तैयार की गई है। म्यूजियम से जुड़े अधिकारियों के अनुसार अटलजी के जीवन से जुड़ी बहुत सी चीजें उनके रिश्तेदारों और दोस्तों से ली गई हैं, जिनका कलेक्शन म्यूजियम में किया गया है।