
ग्वालियर. जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने माजा मैंगो सॉफ्ट ड्रिंक मामले में कंपनी को दोषी मानते हुए उपभोक्ता को 4,000 रुपए मानसिक क्षतिपूर्ति और 1,000 रुपए मुकदमे का खर्च 45 दिन में अदा करने का आदेश दिया है। तय समय में राशि न देने पर कंपनी पर 6त्न वार्षिक ब्याज भी लगेगा।
क्या था मामला
16 जुलाई 2024 को गोल पहाडिय़ा निवासी नरेश प्रजापति ने मथुरा से माजा मैंगो ड्रिंक खरीदी थी। बोतल पीते ही उनकी पत्नी की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। जांच में बोतल में खराबी पाई गई।
कंपनी का तर्क खारिज
कंपनी और वितरक ने दावा किया कि दोषपूर्ण बोतल खरीदने का कोई सबूत उपभोक्ता ने पेश नहीं किया, लेकिन आयोग ने गवाही और दस्तावेजों के आधार पर माना कि खराब ड्रिंक ही तबीयत बिगडऩे का कारण बनी।
आयोग की टिप्पणी
आयोग ने कहा कि कंपनियों की जिम्मेदारी है कि वे सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उपलब्ध कराएं। सेवा में कमी पाए जाने पर उपभोक्ता को हर्जाना दिया जाना जरूरी है।
Updated on:
04 Oct 2025 02:49 am
Published on:
04 Oct 2025 02:49 am
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