
औचक निरीक्षण पर लगी रोक, अब भगवान भरोसे नापतौल विभाग
ग्वालियर. अगर आपके साथ कोई सामान देने के दौरान नापतौल में गड़बड़ी करता है और आप नापतौल विभाग को इसकी शिकायत करते हैं तो नापतौल निरीक्षक अपने स्तर पर जांच-पड़ताल कर कार्रवाई नहीं करेंगे। सरकार ने नापतौल विभाग से ये अधिकार छीन लिए हैं। त्योहारी सीजन और सहालग के दिनों में सहित आम दिनों में बाजारों मेंं होने वाली नापतौल विभाग की जांच-पड़ताल पूरी तरह से बंद हो चुकी है। वर्तमान में यहां डिप्टी कंट्रोलर के साथ-साथ दो निरीक्षक के पद हैं। इसमें भी डिप्टी कंट्रोलर आधे से अधिक समय मेडिकल लीव पर रहते हैं। ऐसे में आम ग्राहकों की परेशानियां काफी बढ़ गयी हैं और गड़बडिय़ां करने वालों के हौंसले बुलंद हो गए हैं।
अब ये हुआ नियम
पहले नापतौल विभाग में उप नियंत्रक के दिशा-निर्देश के मुताबिक इंस्पेक्टर जांच-पड़ताल कर लेते थे। पर पिछले साल नया नियम आने के बाद इस पर पूरी तरह से रोक लग चुकी है। अब इसके लिए ऑनलाइन यानी सीएम हेल्पलाइन में शिकायत करनी होगी या फिर लिखित आवेदन नापतौल विभाग में जाकर देना होगा। इसके बाद जांच के लिए भोपाल से स्वीकृति लेनी होगी। उसके बाद ही निरीक्षक जांच कर सकेंगे। डिप्टी कंट्रोलर या निरीक्षक अब सीधे ही जांच नहीं कर सकते हैं। अभी निरीक्षक सिर्फ सत्यापन और मुद्रांकन का काम ही कर रहे हैं। लीगल मेट्रोलॉजी एक्ट 2009 के तहत होने वाले सभी निरीक्षणों के संबंध में पूर्व के जारी सभी निर्देशों को समाप्त कर दिया गया है। नए नियमों के मुताबिक राज्य स्तरीय व्यापार सुधार कार्य योजना 2020 के तहत औचक निरीक्षण या शिकायतों के आधार पर किए जाने वाले निरीक्षण संबंधित विभागाध्यक्ष की अनुमति के बाद ही हो पाएंगे।
पहले निरीक्षक ये करते थे काम
नापतौल विभाग के निरीक्षकों के जिम्मे मैन्युअल तौलकांटे, इलेक्ट्रॉनिक तौलकांटे, धर्मकांटों का सत्यापन, पेट्रोल पंप की नोजल का सत्यापन, पेट्रोल पंपों पर आने वाले टेंकर लॉरियों का साल भर में सत्यापन करना होता है। इसके साथ ही कांटों की जांच करना, गैस एजेंसियों की जांच, बाजार से कम तौलने की शिकायत की जांच, पैकेज बंद वस्तुओं की जांच, बाजार से कम तौलने की शिकायत की जांच, किसी तरह की गड़बड़ी पकड़े जाने पर अपराध पंजीकृत व निराकरण के लिए वरिष्ठ कार्यालय भेजने या न्यायालय भेजने और अटेंड करने जैसे कार्य शामिल थे।
जांच के अधिकार वापस ले लिए हैं
नापतौल विभाग में होने वाले औचक निरीक्षण पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। यानी जांच के अधिकार वापस ले लिए गए हैं। जब तक कोई शिकायत लिखित में नहीं की जाएगी तब तक भोपाल से जांच के आदेश नहीं मिलेंगे। वर्तमान में हमारे यहां दो निरीक्षक ही सत्यापन और मुद्रांकन का कार्य कर रहे हैं।
- आरके द्विवेदी, उप नियंत्रक, नापतौल विभाग
Published on:
24 Sept 2021 01:00 pm
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