
BCG Vaccination Campaign in MP: टीबी जैसी गंभीर बीमारी से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग पहली बार व्यस्कों को बीसीजी का टीकाकरण करवा रहा है। इसे एडल्ट बीसीजी टीकाकरण अभियान का नाम दिया गया है। जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों सहित 230 संस्थाओं में 7 मार्च से एडल्ट बीसीजी टीकाकरण अभियान के तहत टीके लगाए जा रहे हैं, लेकिन जागरुकता की कमी के चलते 11 दिन में सिर्फ 4795 लोगों का टीकाकरण हुआ है।
बता दें कि जिले में 9.70 लाख लोगों को सूचीबद्ध किया गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आम लोगों तक इस टीकाकरण से होने वाले फायदे के बारे में जानकारी नहीं दे पा रहा है। ऐसे में हर दिन हजारों लोगों को लगने वाले टीके अब काफी कम संख्या में लग रहे हैं। अगर यही हाल रहा तो स्वास्थ्य विभाग इस टारगेट को दो साल में भी पूरा नहीं कर पाएगा।
टीकाकरण स्वैच्छा के आधार पर किया जाना है। इसके लिए पात्र हितग्राही आसानी से तैयार नहीं हो रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की टीम लोगों से संपर्क करके टीकाकरण के लिए तैयार कर रही है, लेकिन काफी कम संख्या में लोग अभी तक टीका लगवाने आए है।
धूम्रपान करने वाले 18 वर्ष की ऊपर के आयु वर्ग में वे लोग जिन्होंने जीवन में एक माह भी बीड़ी- सिगरेट का सेवन किया है। उन्हें भी बीसीजी का टीका लगाया जाएगा। पांच वर्ष में निकले टीबी मरीज तथा तीन वर्ष में टीबी मरीज के कॉन्टेक्ट में आए, 18 वर्ष से अधिक आयु के डायबिटीज से ग्रसित लोग तथा 60 वर्ष से अधिक आयु के लोग, 18 वर्ष से अधिक आयु के ऐसे व्यस्क को टीका लगाया जाना है।
बीसीजी टीका मुख्य रूप से टीबी से बचाव के लिए लगाया जाता है। अब तक बीसीजी टीका उन शिशुओं को दिया जाता रहा है जिनको टीबी होने की संभावनाएं अधिक होती हैं। इसके साथ ही जिन देशों में टीबी और कुष्ठ रोग आम समस्या होती है, उन देशों में शिशु के जन्म के समय ही बीसीजी का टीका लगाने की सलाह दी जाती है। इतना ही नहीं बीसीजी बुरूली अल्सर (Buruli ulcer) इंफेक्शन और अन्य नॉन ट्यूबरकुलोस माईकोबैक्टीरिया (nontuberculous mycobateria) इंफेक्शन से भी सुरक्षा प्रदान करता है। इसके अलावा कुछ मामलों में ब्लैडर कैंसर के इलाज में भी इसका उपयोग किया जाता है।
बीसीजी का टीका आपको टीबी के संक्रमण से करीब बीस साल तक बचाकर रखता है।
लोगों में जागरूकता की कमी है। बीसीजी टीके जिले में 230 अस्पतालों के साथ संस्थानों में लगाए जा रहे हैं। इसके बावजूद लोग इससे अभी बच रहे हैं।
- डॉ. विजय पाठक, जिला क्षय अधिकारी
Updated on:
20 Mar 2024 11:22 am
Published on:
20 Mar 2024 11:21 am

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