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Ramleela on Holi: यहां दशहरा-दीवाली पर नहीं, होली पर होती है रामलीला, वजह कर देगी हैरान

Ramleela on Holi in MP: होली पर रामलीला के मंचन की खबर ने आपको चौंका दिया होगा... इस रामलीला में मंचन के लिए शहर ही नहीं बल्कि दूसरे राज्यों के लोग भी अपना काम-काज छोड़कर क्यों चले आते हैं MP... जरूर पढ़ें ये इंट्रेस्टिंग फैक्ट्स...

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Ramleela on Holi in Mp: दीपावली के समय रामलीला का मंचन तो सभी जगह होता है लेकिन रंगों के पर्व होली पर भी रामलीला होती है। रामलीला का यह परंपरागत मंचन पंजाबी झंग-बिरादरी की ओर से हर साल लगातार किया जाता रहा है। विशेष बात यह है कि होली की इस रामलीला में भाग लेने वाले कलाकार मन्नतों की पूर्ति करने के लिए हिस्सा लेते हैं और देश के अलग-अलग हिस्सों से यहां आते हैं।

ग्वालियर के साथ-साथ इस रामलीला के लिए देश के विभिन्न शहरों में बसे इस बिरादरी के लोग अपना काम धंधा और नौकरी से छुट्टी लेकर हर साल यहां अभिनय करने आते हैं। इन कलाकारों का कहना है कि इस रामलीला से उनका और उनके परिवार का दिली जुड़ाव है, इसके साथ ही महिला किरदार में भी पुरुष ही अभिनय करते हैं।

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श्री आदर्श रामलीला समिति (झंग बिरादरी) की ओर से शिवाजी मार्ग नंबर 1 पर होने वाली रामलीला के प्रथम दिवस मंगलवार को नारद मोह की लीला का मंचन हुआ। रामायण पाठ और पूजन के बाद रामलीला में दिखाया गया कि नारद को तपस्या करने के बाद यह अभिमान हो गया था कि उसने कामदेव को जीत लिया है। भगवान विष्णु ने तय किया नारद का यह अभिमान दूर करना चाहिए। उन्होंने लीला रचकर विश्व मोहिनी को इस कार्य में लगाया। विश्व मोहिनी के विवाह के समय अपने आप को अत्यंत सुंदर दिखाने के उद्धेश्य से विष्णु के पास नारद पहुंचते हैं। नारद को विष्णु बंदर का रूप दे देते हैं।

जब वे स्वयंवर में शामिल होते हैं तो सभी उनकी हंसी उड़ाते हैं। तब वे विष्णु को शाप दे देते हैं जिस प्रकार आपने मुझे विवाह के लिए स्त्री विरह के लिए तड़पाया उसी प्रकार से आप भी स्त्री विरह के लिए तड़पोगे और मुझे जो वानर रूप देकर मेरी हंसी उड़ाई है, वही वानर आपके काम आएंगे। इसके साथ नारद मोह की लीला का समापन होता है। इधर अयोध्या में राजा दशरथ की तीनों रानियां राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न को जन्म देती हैं।

इस रामलीला में पिछले दो साल से अभिनय करने आ रहा हूं। रामलीला में श्रीकृष्ण के साथ राधा के रूप में मनमोहक झांकियां एवं रासलीला में पार्ट अदा करता हूं। इस रामलीला में काम करके बहुत अच्छा लगता है।

- हिमांशु कौशिक, रोहतक हरियाणा

मैं यहां पिछले 20 साल से जुड़ा हूं। श्रीराम से मेरी श्रद्धा जुड़ी हुई है। रामलीला में जो भी सेवा कार्य करने का मौका मिलता है, उसे बखूबी अदा करता हूं। मुझे इंद्र, जनक और दूसरे भी कुछ पात्र विशेष भाते हैं।

- दर्शनलाल मल्होत्रा, रोहतक, हरियाणा

इस रामलीला के लिए दूसरे शहरों में बसे लोग अपने सारे कामकाज छोड़कर चले आते हैं। मैं पिछले 34 वर्ष से इससे जुड़ा हूं और मंच सज्जा सहित पहले दिन रावण, परशुराम, भरत, बाली आदि के रोल निभाता हूं।

-मोहनलाल अरोरा, ग्वालियर

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