
tigers
ऋषि जायसवाल, ग्वालियर। शिवपुरी के माधव नेशनल पार्क में बनने वाली टाइगर सफारी में बाघों की बसाहट से पहले उनका लव प्लान तैयार किया गया है। अलग-अलग जगह से लाए से जाने वाले नर व मादा बाघों को एक साथ जंगल में छोड़ने से उनके बीच संघर्ष व एक-दूसरे को मार डालने का खतरा रहता है। इसलिए पहले उनके अंदर एक-दूसरे के प्रति प्रेम जगाया जाएगा और फिर एक साथ जंगल में छोड़ा जाएगा।
ऐसे बनाते हैं टेरेटरी
बाघ अपनी टेरेटरी बनाने के लिए अपने एरिया के पेड़ों के तने पर पंजे से उसकी छाल को छीलता है। इसके अलावा अपने एरिया में जगह जगह टॉयलेट करके अपनी गंध छोड़ता है। साथ ही वह मादा को तलाशता है। यदि उसे मादा नहीं मिली तो जंगल का वो एरिया छोड़कर चला जाता है।
नर-मादा बाघों का यह लव-प्लान
नर-मादा टाइगर को पहले आमने-सामने बनने वाले दो पिंजरों में रखा जाएगा, ताकि वे एक-दूसरे को देखते रहे। फिर एक्सपर्ट टीम यह जांच करती है कि वे एक-दूसरे के प्रति आकर्षित हैं या नहीं। ओके रिपोर्ट के बाद नर को पिंजरे से बाहर छोड़ दिया जाएगा, फिर कर्मचारी नजर रखेंगे कि नर 2.5 किमी के प्रतिबंधित जंगल में रहते हुए मादा बाघ के पिंजरे के आसपास घूम रहा है या नहीं। इसकी मॉनिटरिंग वहां तैनात कर्मचारी करेंगे। ओके रिपोर्ट के बाद फिर मादा टाइगर को भी पिंजरे से बाहर कर दिया जाता है।
जाली लगाने के बाद उसमें छोड़ेंगे बाघ
माधवनेशनल पार्क शिवपुरी के असिस्टेंट डायरेक्टर अनिल सोनी ने बताया कि शिवपुरी में ओपन जंगल में छोड़े जाने वाले टाइगर के साथ ही टाइगर सफारी का प्लान चल रहा है। पहले टाइगर सफारी कंपलीट की जाएगी। एक एरिया को जाली लगाने के बाद उसमें सीधे ही बाघ छोड़े जा सकते हैं। पूरी टाइगर सफारी का क्षेत्र 125 हेक्टेयर यानि 2.2 किमी को कवर्ड करना रहेगा। उसके बनने के बाद नेशनल पार्क आने वाले सैलानियों को बाघ आसानी से दिख सकेंगे।
Published on:
25 Mar 2022 02:09 pm
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