
रहस्यमी है भरका महादेव का मंदिर, चन्द्रशेखर आजाद ने यहां की थी पूजा
ग्वालियर। सावन का महीन शुरू हो चुका है। ऐसे में इस पूरे माह में किसी भी दिन भगवान भोलेनाथ की पूजा करने से महादेव प्रसन्न होते हैं और भक्तों की सभी मनोकामनाए पूरी करते हैं। ग्वालियर चंबल संभाग में महादेव के 1000 सालों से भी पुराने कई मंदिर हैं। इनसे रूबरू कराने की अपनी श्रंृखला में आज हम आपको एक ऐसे मंदिर की कहानी सुनाने जा रहे हैं, जो अपने आप में अद्वितीय है। इतना ही नहीं रजवाड़ों से लेकर स्वतंत्रता संग्राम के सैनानियों तक ने यहां महादेव की पूजा अर्चना की है। तो आइए जानते हंै कौन सा है वह मंदिर।
शिवपुरी जिले के विकासखंड बदरवास से करीब 8 किमी दूर स्थित ग्राम पंचायत सालौन अंतर्गत आने वाले ग्राम भरका में प्राचीन शिवजी का मंदिर अटूट आस्था का केंद्र है। प्राकृतिक स्थल पर मौजूद इस मंदिर में स्थित शिवजी की पिंडी के दर्शन करने बदरवास ही नहीं जिले सहित अन्य राज्यों के आसपास से भी सैकड़ों की संख्या में भक्त आते हैं। बताया जाता है कि आजादी की लड़ाई के दौरान महान क्रांतिकारी चन्द्रशेखर आजाद ने अपना अज्ञातवास भी यहीं भरका वाले महादेव की शरण में बिताया था। इतना ही नहीं लोग यह भी बताते हैं कि उस समय शहीद आजाद प्रतिदिन महादेव की पूजा करने के लिए यहीं मंदिर आते थे।
चन्द्रशेखर ने महादेव की शरण में बिताया अज्ञातवास
गांव के लोगों ने बताया कि आजादी की लड़ाई के दौरान महान क्रांतिकारी चन्द्रशेखर आजाद ने अपना अज्ञातवास भी यहीं भरका वाले महादेव की शरण में बिताया था। लोग बताते हैं कि उस समय शहीद आजाद प्रतिदिन महादेव की पूजा अर्चना करने के लिए मंदिर आते थे और यहीं उन्होंने महादेव की शरण में अज्ञातवास भी बिताया था।
सिंधिया घराना आता है दर्शन करने
स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक कई राजनेता यहां चुनाव लडने से पहले दर्शन करने आ चुके हैं,जिनमें प्रमुख रूप से पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया,माधवरावराव सिंधिया व जीवाजीराव सिंधिया के नाम शामिल हैं। इसके अलावा शाही परिवार से जुड़े कई लोग यहां महादेव के दर्शन करने आते रहते हैं। साथ ही यहां आसपास के लोग भी काफी संख्या में दर्शन करने के लिए आते है।
शिवलिंग पर गिरने वाला पानी है रहस्य
बताया जाता है कि शंकरजी की पिंडी के ऊपर लगतार जो पानी गिर रहा है उसका आज तक पता नहीं चल सका है कि यह पानी कहां से आ रहा है। इतना ही नहीं भीषण गर्मी के सीजन में भी यह धार नहीं टूटती है। यहां श्रावण सोमवार से भक्तों का तांता लगना शुरू हो जाता है।
सावन में लगता है भक्तों का तांता
ग्राम पंचायत सालौन अंतर्गत आने वाले भरका शिवमंदिर पर सावन के महीने में भक्तों की आवाजाही अधिक रहती है। यहां लोग बदरवास सहित दूर-दराज के क्षेत्रों से आते हैं और पूजा अर्चना करते हैं। लोगों की मान्यता है कि यहां पूजा पाठ करने से उनके रुके काम पूरे होते हैं।
Updated on:
23 Jul 2019 04:02 pm
Published on:
23 Jul 2019 03:56 pm
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