
ग्वालियर/भिण्ड। खाद्यान्न और तिलहन उत्पादों के साथ-साथ अब प्रदेश सरकार सब्जी उत्पादों पर भी किसानों को भावांतर योजना का लाभ देगी। पहले चरण में इसमें प्याज की फसल को शामिल किया गया है। यह योजना 16 मई से 31 अगस्त तक चलेगी। योजना में वर्ष 2018-19 के लिए प्याज का समर्थन मूल्य 800 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। इसमें पंजीकृत प्याज उत्पादक किसानों को भावान्तर की राशि का भुगतान करके सरकार द्वारा लाभान्वित किया जाएगा।
मप्र के उद्यानिकी विभाग ने योजना के क्रियान्वयन के लिए हाल में सभी जिला कलेक्टरों को विस्तृत निर्देश जारी करते हुए कहा हैकि प्याज की स्ट्रेस सेल रोकने के लिए इसे भावांतर योजना में शामिल किया है। भावांतर लाभ के लिए दो अवधियां निर्धारित की गई हैं। पहली अवधि १६ मई से ३० जून तक रहेगी एवं द्वितीय अवधि ०१ अगस्त से ३१ अगस्त तक रहेगी। द्वितीय भावांतर अवधि में भावांतर का लाभ प्याज की भण्डारित मात्रा के ७५ प्रतिशत तक सीमित रहेगा।
प्याज उत्पादन करने वाले सभी किसानों का उद्यानिकी विभाग द्वारा निर्धारित अवधि में पंजीयन कराया जाएगा। पंजीयन रबी के लिए उपाजित की जाने वाली फसल गेहूं अथवा रबी के लिए भावांतर के लिए चिह्नित फसलें यानी चना, सरसों व मसूर के साथ ही होगा, जो सहकारी केंद्रों के माध्यम से किया जाएगा। पंजीयन का सत्यापन राजस्व अधिकारियों द्वारा किया जाएगा। प्याज का मॉडल भाव भी तय किया जाएगा। इसके लिए महाराष्ट्र और आन्ध्रप्रदेश के औसत मॉडल भाव भी उक्त अवधि के निकाले जाएंगे। तीनों के साधारण औसत के द्वारा योजनांतर्गत भावांतर भाव निर्धारित किया जाएगा।
सरकारी भण्डार गृहों में प्याज भण्डारण पर किसानों से नहीं लगेगा शुल्क
इस योजना की खास बात यह है कि इसमें किसानों द्वारा 01 अप्रैल से 31 जुलाई तक शासकीय प्याज गोदामों में प्याज का भण्डारण करने पर कोई शुल्क देय नहीं होगा। इस अवधि का भंडारण शुल्क 200 रुपए प्रति टन प्रतिमाह की दर से राज्य सरकार द्वारा भण्डारण एजेन्सी को सीधे भुगतान किया जाएगा।
किसान को इस दौरान केवल सूखत व सडऩ से होने वाली हानि को वहन करना होगा जो अधिकतम २५ प्रतिशत होगी। अगर किसान द्वारा केवल अपने प्याज भण्डार में या किसी अन्य निजी प्याज भण्डार में प्याज भण्डारित की जाती है तो उसे ३१ जुलाई को भण्डारित मात्रा के लिए उपरोक्त निर्धारित भण्डारण दर से चार माह का भण्डारण शुल्क उसके खाते में जमा कराया जाएगा। योजनांतर्गत पंजीकृत किसान अधिसूचित फसल को प्रदेश की किसी भी अधिसूचित मण्डी, उपमण्डी या प्रांगण में विक्रय करने के लिए स्वतंत्र होगा। समर्थन मूल्य के बराबर या उससे अधिक में विक्रय होने पर प्याज उत्पादक किसान को कोई भावान्तर नहीं दिया जाएगा।
Published on:
01 May 2018 03:49 pm
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